छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अनारक्षित पदों को लेकर एक अहम फैसला दिया है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि रोस्टर में दर्ज अनारक्षित पद को केवल सामान्य वर्ग के लिए नहीं माना जा सकता। अगर आरक्षित वर्ग का कोई कर्मचारी वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर उस पद के लिए योग्य है, तो पदोन्नति (प्रमोशन) के दौरान उसके नाम पर भी विचार किया जाना जरूरी है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की पीठ ने अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाले अलख राम ध्रुव की पदोन्नति के मामले में विभाग को दोबारा विचार करने का निर्देश दिया है।
