Chhattisgarh serial killer: 'साइको क‍िलर' ने 4 महीने में 8 लोगों को जहर देकर मार डाला! 9वां शिकार बचा तो खुला राज, अंतिम संस्कार में भी जाता था हत्यारा

Chhattisgarh serial killer:छत्तीसगढ़ पुलिस ने 46 साल के एक किराने की दुकान के मालिक को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने चार महीनों में आठ लोगों को जहरीले केमिकल वाली शराब पिलाकर मार डाला। उसने इन लोगों को शराब पीने के लिए अपने घर बुलाया था। रामसहाय जायसवाल की गिरफ्तारी तब हुई, जब नौवां शिकार बच गया और उसने पुलिस को एक पैटर्न के बारे में बताया

अपडेटेड Jun 24, 2026 पर 6:18 PM
Chhattisgarh serial killer: पुलिस जांच के अनुसार, रामसहाय जायसवाल किसी व्यक्ति को निशाना बनाने से पहले अपनी योजना का ट्रायल किया था

Chhattisgarh serial killer: छत्तीसगढ़ के रायपुर रेंज के एरिया में आने वाले एक छोटे से गांव कहारवे (Kharve) से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने 46 वर्षीय एक किराना दुकानदार रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने पिछले चार महीनों में आठ लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब उसका 9वां कथित शिकार बच गया। फिर से उसने पुलिस को पूरी जानकारी दी।

कुत्ते को जहर देने से पहले किया था 'ट्रायल रन'

पुलिस जांच के अनुसार, रामसहाय जायसवाल किसी व्यक्ति को निशाना बनाने से पहले अपनी योजना का ट्रायल करता था। 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि उसने इस साल की शुरुआत में सुहागा (बोरैक्स) नामक रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल कर एक कुत्ते को जहर देकर मार डाला था। ग्रामीण क्षेत्रों में बोरैक्स का उपयोग अक्सर चूहे या कीड़े मारने के लिए किया जाता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने चार महीने के दौरान तीन अलग-अलग मौकों पर इस रसायन को खरीदा था।


शिकार को अकेले बुलाता, शराब में मिलाता जहर

'साइको क‍िलर' पर आरोप है कि उसने चार महीनों में आठ लोगों को जहरीले केमिकल वाली शराब पिलाकर मार डाला। उसने इन लोगों को शराब पीने के लिए अपने घर बुलाया था। रामसहाय जायसवाल की गिरफ्तारी सोमवार को हुई, जब नौवां पीड़ित बच गया। उसने पुलिस को एक ऐसे पैटर्न के बारे में बताया जिस पर पुलिस को पहले शक नहीं हुआ था।

शराब में पहले से बोरैक्स मिला देता था

रिपोर्ट के मुताबिक, हर मामले में जान लेने का तरीका एक जैसा था। चार महीनों के दौरान, आठ लोगों को खारवे गांव में जायसवाल के घर शाम को शराब पीने के लिए बुलाया गया और हर कोई एक-दो दिन बाद मर गया। जब नौवां व्यक्ति बच गया और उसने अधिकारियों को जानकारी दी, तब पुलिस को एहसास हुआ कि वे शायद एक सीरियल किलर का सामना कर रहे हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपी हर बार लगभग एक जैसा तरीका अपनाता था। वह किसी व्यक्ति को शाम के समय अपने घर शराब पीने के लिए बुलाता। इस दौरान इस बात का ध्यान रखता कि व्यक्ति अकेले आए। शराब में पहले से बोरैक्स मिला देता। पीड़ित शराब पीने के बाद घर लौट जाता। एक-दो दिन के भीतर उसकी तबीयत बिगड़ती और उसकी मौत हो जाती। पुलिस के अनुसार, सभी आठ मौतों में यही पैटर्न देखने को मिला।

परिवारों का भरोसा जीतता रहा आरोपी

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि किसी को भी शुरुआत में हत्या का शक नहीं हुआ। आरोप है कि कई मामलों में रामसहाय खुद पीड़ित परिवारों की मदद करता था। वह मृतकों को अस्पताल ले जाने में सहयोग करता, अंतिम संस्कार में शामिल होता और शोकाकुल परिवारों के साथ दिखाई देता था। इसी वजह से गांव वालों और परिजनों को उस पर संदेह नहीं हुआ। कुछ मामलों में तो पीड़ितों को अस्पताल तक नहीं ले जाया गया क्योंकि परिवारों ने उनकी हालत को सामान्य बीमारी समझा।

पहला शिकार: 6 फरवरी से शुरू हुआ मौत का सिलसिला

1. बद्री पटेल (58 वर्ष)- 6 फरवरी

पुलिस के मुताबिक पहला शिकार 58 वर्षीय बद्री पटेल था। आरोप है कि बद्री पटेल अक्सर रामसहाय से शराब की मांग करता था, जिससे दोनों के बीच विवाद रहता था। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उसे घर बुलाकर जहरीली शराब पिला दी। जब उसकी मौत के बाद किसी ने कोई शक नहीं जताया। अंतिम संस्कार सामान्य तरीके से हो गया, तो आरोपी का आत्मविश्वास बढ़ गया।

2. बुथालू साहू (60 वर्ष)- 20 फरवरी

पुलिस के अनुसार, रामसहाय को लगता था कि बुथालू साहू ने उसकी कलार समुदाय का अपमान किया था। इसी नाराजगी में उसने उसे निशाना बनाया।

3. बुधराम जायसवाल (60 वर्ष) - 12 मार्च

बुधराम जायसवाल की हत्या कथित तौर पर जमीन विवाद के कारण की गई।

4. छत्तूराम साहू - 20 मार्च

पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि छत्तूराम साहू की नजर उसकी पत्नी पर है। इसी शक के चलते उसने उसे मारने की योजना बनाई।

5. विनोद कुमार साहू (38 वर्ष)- 31 मार्च

आरोपी का आरोप था कि विनोद कुमार साहू अक्सर उसे गाली-गलौज और अपमानित करता था। इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया।

6. गजानंद मांझी (55 वर्ष)- 28 अप्रैल

जांच में सामने आया कि रामसहाय को विश्वास था कि गजानंद मांझी उसके खिलाफ टोना-टोटका या तांत्रिक क्रियाएं कर रहा है।

7. चैतराम साहू (58 वर्ष) - 29 अप्रैल

पुलिस के मुताबिक रामसहाय ने चैतराम साहू से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। इस आर्थिक विवाद को हत्या का कारण बताया जा रहा है।

8. महेतरू राम साहू (41 वर्ष) - 14 मई

आठवां और अंतिम कथित शिकार महेतरू राम साहू था। पुलिस के अनुसार वह अक्सर रामसहाय का मजाक उड़ाता था और ताने देता था।

नौवां शिकार बचा, तभी खुला पूरा राज

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब रामसहाय ने कार्तिक कुम्हार को भी शराब पीने के लिए बुलाया। कार्तिक शराब पीने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इलाज के दौरान उसने अपने परिवार को बताया कि वह बीमार होने से पहले रामसहाय के घर पर शराब पीकर आया था। इसके बाद परिवार और गांव के अन्य लोगों को शक हुआ। फिर उन्होंने 6 जून को पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले में आगे की जांच जारी है।

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