भारत सरकार 2020 के बाद चीन को लेकर लागू किए गए विदेशी निवेश और सरकारी खरीद के सख्त नियमों पर दोबारा विचार कर रही है। सरकार का फोकस अब निवेशक किस देश का है, इससे ज्यादा इस बात पर है कि निवेश से देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और घरेलू प्रोडक्शन क्षमता को कितना फायदा होता है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सिस्टम के भीतर इस बात पर सहमति बन रही है कि जो निवेश रोजगार पैदा करता है और तकनीक लाता है, उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। हालांकि, टेलीकॉम, डिफेंस और रणनीतिक ढांचे जैसे संवेदनशील सेक्टर में सख्ती बरकरार रहेगी।
