कमर्शियल गैस की किल्लत से निपटने के लिए बनी कमेटी, ऑयल मिनिस्ट्री का ऐलान

Commercial LPG Supply Issue: ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग के चलते भारत में गैस की सप्लाई को लेकर सरकार युद्धस्तर पर काम कर रही है। हालांकि कमर्शियल गैस की सप्लाई को लेकर शिकायतें आ रही हैं तो इसे लेकर एक कमेटी बनाई गई है। जानिए इस कमेटी में कौन-कौन है और अभी क्या स्थिति है?

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 11:51 AM
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भारत में एलपीजी की सालाना 3.13 करोड़ टन की खपत है। इसमें से 87% तो डोमेस्टिक सेक्टर जैसे कि घर-परिवार में होता है और बाकी होटल्स और रेस्टोरेंट्स जैसे कमर्शियल एंटिटीज में होता है।

Commercial LPG Supply Issue: कमर्शियल एलपीजी के सप्लाई की दिक्कतों ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को तगड़ा झटका दिया है। इसे लेकर रेस्टोरेंट्स एसोसिएशंस ने ऑयल मिनिस्ट्री से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है। अब सामने आ रहा है कि ऑयल मिनिस्ट्री ने सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। मिनिस्ट्री ने इसे लेकर ट्वीट किया है। बता दें कि रेस्टोरेंट्स एसोसिएशंस ने आगाह किया है कि अगर सप्लाई फिर से ट्रैक पर नहीं आता है तो ईटरीज को कुछ ही दिनों में बंद करने की नौबत आ सकती है क्योंकि उनके पास गैस की उपलब्धता महज एक हफ्ते तक की ही है।

कौन-कौन है ऑयल मिनिस्ट्री की बनाई गई कमेटी में?

मिनिस्ट्री ने X (पूर्व नाम Twitter) पर ट्वीट में कहा कि अन्य नॉन-डोमेस्टिक सेक्टर्स में एलपीसी सप्लाई को लेकर OMCs (ऑयल मार्केटिंग कंपनीज) के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी रेस्टोरेंट्स/होटल्स/अन्य इंडस्ट्रीज को एलपीजी की सप्लाई से जुड़ी मांगों को देखेगी और इस पर काम करेगी।


सालाना 31.3 करोड़ टन एलपीजी की खपत

भारत में एलपीजी की सालाना 3.13 करोड़ टन की खपत है। इसमें से 87% तो डोमेस्टिक सेक्टर जैसे कि घर-परिवार में होता है और बाकी होटल्स और रेस्टोरेंट्स जैसे कमर्शियल एंटिटीज में होता है। देश में एलपीजी की जितनी जरूरत है, उसमें से 62% तो बाहर से आता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान की लड़ाई और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने पर एलपीजी की दिक्कत बढ़ गई। होर्मुज स्ट्रेट यानी होर्मुज जलडमरूमध्य से ही भारत के एलपीजी आयात का करीब 85-90% आता है। चूंकि पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग ने सप्लाई सीमित की है तो सरकार को प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई को कहना पड़ रहा है।

सरकार ने नेचुरल गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट ऑफ 1955 यानी ESMA लागू कर दिया है। मिनिस्ट्री ने घरेलू एलपीजी की सप्लाई में जमाखोरी/कालाबाजारी से बचने के लिए दो सिलिंडर की बुकिंग के बीच के गैप को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है।

कमर्शियल गैस की कितनी किल्लत?

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कमर्शियल गैस की किल्लत होने लगी है और मुंबई-बेंगलुरु में शिकायतें आने लगी हैं। इंडियन होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजय शेट्टी का कहना है कि गैस की किल्लत तेजी से हो रही है और जल्द ही फूड सेक्टर ठप हो सकता है।

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