LPG cylinder crisis : मुंबई के होटल एसोसिएशन, AHAR ने कहा है कि गैस सप्लाई में रुकावट का अगर यही हाल रहा तो अगले दो दिनों में मुंबई के 50% तक होटल बंद हो सकते हैं। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि कितने होटल चालू रहेंगे,यह इस बात पर निर्भर करेगा कितनी गैस सप्लाई हो पाती है। AHAR ने साफ किया कि एसोसिएशन ने होटलों को बंद करने का कोई ऑफिशियल फैसला नहीं लिया है। होटल खुले रहेंगे या बंद रहेंगे,यह फैसला होटल मालिकों पर निर्भर करेगा।
कमर्शियल सिलेंडर की अचानक हुई कमी से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में चिंता की लहर दौड़ गई है। इसके बाद तेल मंत्रालय ने LPG सप्लाई की दिक्कतों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई ठीक नहीं हुई तो कुछ ही दिनों में खाने की दुकानें बंद हो सकती हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष की वजह से फ्यूल सप्लाई चेन में बाधा आ रही है,जिसमें भारत का LPG इंपोर्ट भी शामिल है। सरकार घरों के लिए कुकिंग गैस सप्लाई को प्राथमिकता दे रही है। इससे उन होटलों और रेस्टोरेंट में सप्लाई की कमी हो गई है जो मार्केट-प्राइस कमर्शियल LPG पर निर्भर हैं।
X पर एक पोस्ट में,मंत्रालय ने कहा है कि रेस्टोरेंट,होटल और दूसरी इंडस्ट्रीज़ को LPG सप्लाई के रिक्वेस्ट को रिव्यू करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs)के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स वाली एक कमेटी बनाई गई है।
भारत में हर साल लगभग 31.3 मिलियन टन LPG की खपत होती है। इसमें से लगभग 87 फीसदी गैस घरों की रसोई के लिए इस्तेमाल होता है,जबकि बाकी हिस्सा होटल और रेस्टोरेंट जैसी कमर्शियल जगहों पर जाता है।
भारत की LPG की लगभग 62 फीसदी ज़रूरत इम्पोर्ट से पूरी होती है। हालांकि,ईरान,इज़राइल और अमेरिका के बीच लड़ाई की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद सप्लाई रूट में रुकावट आई है। इस रूट के ज़रिए ही भारत आमतौर पर सऊदी अरब जैसे देशों से अपनी LPG का 85-90 फीसदी इम्पोर्ट करता है।
इस बीच सरकार का कहना है कि देश में फ्यूल का काफ़ी स्टॉक है। इसके साथ ही सरकार ने रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल स्ट्रीम को डायवर्ट करके LPG प्रोडक्शन को ज़्यादा से ज़्यादा करने का निर्देश दिया है। LPG रिफिल बुकिंग साइकिल को भी 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार ने गैर-घरेलू इस्तेमाल के लिए इंपोर्टेड LPG को हॉस्पिटल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन जैसे ज़रूरी सेक्टर के लिए प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए हैं।