India LPG crisis: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश भर में LPG की सप्लाई आराम से हो रही है। सरकार ने ग्राहकों से पैनिक में खरीदारी से बचने और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के तरीके अपनाने की अपील की है। मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की मजबूती के साथ मंत्रालय ने बताया कि LPG की उपलब्धता पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसे मैनेज किया जा रहा है ताकि देश भर के घरों तक बिना रुकावट LPG पहुंच सुनिश्चित हो सके।
MoPNG ने LPG बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल पर भी जोर दिया। इसमें अब लगभग 95% ग्राहक IVRS, SMS, WhatsApp और मोबाइल एप्लिकेशन जैसे ऑनलाइन तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्राहकों को इन आसान और कुशल डिजिटल चैनलों का इस्तेमाल जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ताकि डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर भीड़ से बचा जा सके। साथ ही बिना रुकावट LPG डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु हथियारों के मुद्दे पर तेहरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के कुछ घंटों बाद रविवार को ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की एंट्री या एग्जिट को रोकने के लिए तत्काल नाकेबंदी शुरू करेगी।
ट्रंप ने 'ट्रूथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों की पहचान करने और उन्हें रोकने का निर्देश दिया है जिन्होंने ईरान को टोल का भुगतान किया है। होर्मुज एक बेहद महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए दुनिया की कुल तेल आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से का परिवहन होता है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच भारत ने छोटे पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ा दी है। साथ ही पाइप से मुहैया कराई जाने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) कनेक्शन का विस्तार तेज कर दिया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 23 मार्च से अब तक पांच किलोग्राम के 13 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर बेचे गए हैं। इनकी दैनिक बिक्री एक लाख से अधिक हो गई है।
यह कदम प्रवासी श्रमिकों और कम आय वर्ग के उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इसी अवधि में 4.24 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। जबकि 30,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने LPG कनेक्शन वापस कर PNG को अपनाया है।
छह सप्ताह से जारी पश्चिम एशिया संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल, 40% गैस और 85-90 फीसदी एलपीजी इस क्षेत्र से आयात करता है, जिस पर इस संकट का असर पड़ा है।
हालांकि, कच्चे तेल की कमी को अन्य स्रोतों से पूरा कर लिया गया है। लेकिन एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। होटल-रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति में कटौती की गई है।