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Cyclone Montha: आज भयंकर रूप ले सकता है साइक्लोन 'मोंथा', भारी बारिश के साथ-तूफान का अलर्ट

Cyclone Montha: यह इस मौसम का पहला बड़ा तूफान है, जो फिलहाल पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित है और उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसके तट से टकराने से पहले इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसमें हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। आंध्र प्रदेश सरकार ने काकीनाडा, कोनासीमा, पश्चिम गोदावरी, एलुरु और पूर्वी गोदावरी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Oct 28, 2025 पर 8:41 AM
Cyclone Montha: आज भयंकर रूप ले सकता है साइक्लोन 'मोंथा', भारी बारिश के साथ-तूफान का अलर्ट
Cyclone Montha: चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ सक्रिय हो गया है, आंध्र प्रदेश पर उसका असर देखने को मिल सकता है

Cyclone Montha : चक्रवात 'मोंथा' मंगलवार शाम तक भारत के तटीय राज्यों में दस्तक देने वाला है। मौसम विभाग ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।  बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ सोमवार को आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा था। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान मंगलवार आधी रात के आसपास काकीनाडा के पास तट से टकराएगा और फिर मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच से गुजरते हुए दक्षिणी ओडिशा की ओर बढ़ेगा।

यह इस मौसम का पहला बड़ा तूफान है, जो फिलहाल पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित है और उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसके तट से टकराने से पहले इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसमें हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। आंध्र प्रदेश सरकार ने काकीनाडा, कोनासीमा, पश्चिम गोदावरी, एलुरु और पूर्वी गोदावरी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चक्रवात से किसी भी जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए।

सेना और NDRF को अलर्ट पर

नगर प्रशासन मंत्री पी. नारायण, जो काकीनाडा के प्रभारी मंत्री हैं, स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और वहीं मौजूद हैं। वहीं नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंडला मनोहर, जो एलुरु के प्रभारी मंत्री हैं, भी शहर पहुंच चुके हैं। सोमवार को नारायण ने काकीनाडा कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक की और बताया कि अब तक 269 पुनर्वास केंद्र सभी जरूरी सुविधाओं के साथ तैयार किए गए हैं। राहत कार्यों के लिए 30 NDRF टीमों और 50 SDRF टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा अर्थमूवर, ट्रैक्टर और पर्याप्त ईंधन वाले जनरेटर भी तैयार रखे गए हैं।

उन्होंने बताया कि आसपास के गांवों से करीब 140 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रूप से अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है। सभी जरूरी सामान और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही, बुधवार तक सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी मछुआरे अपनी नावों के साथ समुद्र से लौट आएं, ताकि किसी तरह का नुकसान न हो।

राज्य सरकार ने की बड़े पैमाने पर तैयारी 

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