Cyclone Montha: चक्रवात मोंथा ने लिया खतरनाक रूप, देश के कई राज्यों में हाई अलर्ट, जानिए क्या है लेटेस्ट स्थिति

Cyclone Montha: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार, 27 अक्टूबर तड़के 2.24 बजे जारी अपने बुलेटिन में जानकारी दी कि, 'मोंथा' के कारण आंध्र प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है

अपडेटेड Oct 27, 2025 पर 10:04 AM
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मौसम विभाग ने तटीय निवासियों को सतर्क रहने और सभी सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है

Cyclone Montha: बंगाल की खाड़ी में बना गहरे दबाव का क्षेत्र अब एक खतरनाक चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। इस चक्रवात को 'मोंथा' (Montha) नाम दिया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार, 27 अक्टूबर तड़के 2.24 बजे जारी अपने बुलेटिन में इसकी जानकारी दी। 'मोंथा' के कारण आंध्र प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

क्या है चक्रवात की वर्तमान स्थिति?

सोमवार तड़के 2.30 बजे तूफान पिछले तीन घंटों में 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। यह अब चेन्नई से लगभग 600 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व, काकीनाडा से 680 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व, विशाखापत्तनम से 710 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व और ओडिशा के गोपालपुर से 850 किमी दक्षिण में केंद्रित है।


आंध्र प्रदेश में जारी हुआ रेड अलर्ट जारी

चक्रवात 'मोंथा' के संभावित गंभीर प्रभाव को देखते हुए, आंध्र प्रदेश के लगभग सभी जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है। IMD ने आंध्र प्रदेश के 26 में से 23 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, उनमें एसपीएसआर नेल्लोर, प्रकाशम, बापटला, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, डॉ. बीआर अंबेडकर कोनेसीमा और काकीनाडा शामिल हैं। इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है।

ऑरेंज अलर्ट: अनंतपुर, कुरनूल और श्री सत्य साईं को छोड़कर बाकी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां सोमवार (27 अक्टूबर) को 'भारी से बहुत भारी बारिश' होने की संभावना है।

सीएम नायडू ने प्रशासन को किया चौकन्ना

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तूफान के खतरे को देखते हुए राज्य के पूरे प्रशासनिक तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। रविवार, 26 अक्टूबर) को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक टेलीकांफ्रेंस में, नायडू ने 27 से 29 अक्टूबर (सोमवार से बुधवार) तक तटीय जिलों में संभावित 'भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं' के मद्देनजर सभी विभागों की तैयारियों की समीक्षा की।

तटीय इलाकों में रोकी गई सभी गतिविधियां

सुरक्षा के मद्देनजर जोखिम वाले इलाकों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं। एलुरु, कृष्णा और पश्चिम गोदावरी जिलों में 'मोंथा' चक्रवात की चेतावनी के बाद सभी समुद्री तटों को बंद कर दिया गया है। गोदावरी और कृष्णा नदियों में नौकायन गतिविधियों को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने इन क्षेत्रों में पिक्टिंग लगाकर लोगों को समुद्र तटों में प्रवेश करने से रोक दिया है।

एलुरु जिला कलेक्टर के. वेत्री सेल्वी और पुलिस अधीक्षक के. प्रताप शिवा किशोर ने स्थिति की समीक्षा की और नोडल अधिकारियों को पुराने और क्षतिग्रस्त घरों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर निकालने का निर्देश दिया है। मौसम विभाग ने तटीय निवासियों को सतर्क रहने और सभी सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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