सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे मशहूर धरोहरों में से एक, मोहनजोदड़ो की ‘डांसिंग गर्ल’ की मूर्ति आज एक बार फिर देश में चर्चा की विषय बन गई है। बता दें कि, ये कांसे की मूर्ति आज से करीब 4500 साल पहले ‘लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग’ (मोम की ढलाई) तकनीक से बनाई गई थी। ये साल 1926 में जब ब्रिटिश पुरातत्ववेत्ता को खुदाई में मिली थी। वहीं अब इस 'डांसिंग गर्ल’ मूर्ति की फोटो बदले हुए रूप में छापी गई है। NCERT की किताब में मूर्ति के ढके धड़ वाली फोटो है। एनसीईआरटी ने कक्षा नौ की किताब में इस डांसिंग गर्ल की तस्वीर को ढ़क दिया है।
