Ram Mandir: अयोध्या में सावन झूला मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए राम मंदिर की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलावों की तैयारी की जा रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासनिक सूत्रों ने बताया है कि 8 से 11 अगस्त और 23 से 28 अगस्त के बीच आम श्रद्धालुओं के लिए बिना पास के मंदिर परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सकता है। अगर भीड़ बहुत अधिक बढ़ जाती है तो परकोटा स्थित सभी छह उप-मंदिरों में दर्शन अस्थायी रूप से रोके जा सकते हैं। रामलला के दर्शन की समय अवधि बढ़ाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या और कांवड़ यात्रा
प्रशासन का अनुमान है कि सावन महोत्सव के दौरान 10 लाख से 15 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं। इसके अलावा अगस्त के दौरान सामान्य दिनों में भी रोजाना दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सावन के दूसरे सोमवार यानी 10 अगस्त को कांवड़िया श्रद्धालुओं की सबसे भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
पास व्यवस्था और ऑनलाइन प्रक्रिया
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सिर्फ पास धारकों को ही सप्त मंडपम और कुबेर नवरत्न टीला में प्रवेश की अनुमति होगी। अभी लागू सामान्य दर्शन व्यवस्था के तहत दो-दो घंटे के अलग-अलग स्लॉट में 1500 पास जारी किए जाते हैं। ये पास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बनाए जाते हैं।
सुरक्षा इंतजाम और प्रमुख स्थलों की निगरानी
अयोध्या के क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि त्योहार के दौरान सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पूरे क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम, अतिरिक्त लाइटिंग, श्रद्धालु सुविधा केंद्र, खोया-पाया केंद्र, अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और जल पुलिस की तैनाती की जाएगी। सरयू घाटों और नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी व कनक भवन जैसे प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा भी मजबूत की जाएगी।
रूट डायवर्जन और दर्शन प्रबंधन
राम मंदिर के पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि फिलहाल व्यवस्थाएं बदली नहीं गई हैं लेकिन भीड़ के अनुसार रूट डायवर्जन और दूसरे प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। डीआईजी अयोध्या रेंज सोमेन बर्मा की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं और अंतिम सुरक्षा रोडमैप को श्री राम जन्मभूमि सुरक्षा समन्वय समिति की बैठक में मंजूरी दी जाएगी। जिला प्रशासन के मुताबिक राम मंदिर में रोजाना लगभग दो लाख श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की क्षमता है। अधिक भीड़ होने पर श्रद्धालुओं को नियंत्रित मार्गों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से दर्शन कराए जाएंगे।