Anti-Paper Leak Bill पर आज लोकसभा में बहस, बांसुरी स्वराज-तेजस्वी सूर्या संभालेंगे NDA का मोर्चा

बीजेपी सोमवार को संसद में होने वाली सबसे अहम राजनीतिक बहसों में से एक में अपने युवा नेताओं को आगे करने जा रही है। लोकसभा में जब 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पर चर्चा होगी, तब शुरुआती वक्ताओं में सांसद बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या शामिल होंगे।

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 10:52 AM
संसद में आज पेपर लीक बिल पर बहस, BJP के युवा सांसद संभालेंगे मोर्चा

Paper Leak Bill 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) सोमवार को संसद में होने वाली सबसे अहम राजनीतिक बहसों में से एक में अपने युवा नेताओं को आगे करने जा रही है। लोकसभा में जब 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पर चर्चा शुरू होगी, तब शुरुआती वक्ताओं में सांसद बांसुरी स्वराज और बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या शामिल होंगे।

यह कदम NDA की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह अपने युवा नेताओं को पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखने का मौका देना चाहती है। बता दें कि हाल के वर्षों में कई बड़े पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली है।

वहीं, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस बिल को लोकसभा में पेश कर सकते हैं, जबकि चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी सरकार के कदमों का बचाव कर सकते हैं। इसके अलावा, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ मंत्रियों के भी बहस में शामिल होने की संभावना है।

NDA की स्पीकर्स लिस्ट में बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या का नाम

NDA की संभावित स्पीकर्स लिस्ट के अनुसार, बांसुरी स्वराज BJP की तरफ से बहस की शुरुआत करेंगी और उनके बाद तेजस्वी सूर्या बोलेंगे। गठबंधन के जिन अन्य नेताओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है, उनमें TDP सांसद लावू कृष्ण देवरायालू, JD(U) के राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, अपना दल (S) की नेता अनुप्रिया पटेल और NCP सांसद सुनील तटकरे शामिल हैं।


सूत्रों ने यह भी बताया कि काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले गुट की ओर से बागी तृणमूल कांग्रेस सांसद सायनी घोष या मिताली बाग को बहस के दौरान बोलने के लिए उतारा जा सकता है।

संसदीय सूत्रों का कहना है कि इस चर्चा में काफी तीखी बहस देखने को मिलेगी, क्योंकि विपक्ष हाल ही में हुए पेपर लीक विवादों को लेकर सरकार के कामकाज पर सवाल उठा सकता है, जबकि NDA प्रस्तावित कानून को परीक्षा में होने वाली धोखाधड़ी के खिलाफ एक निर्णायक कदम के तौर पर पेश करने की कोशिश करेगा।

बिल का प्रस्ताव क्या है?

पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 का मकसद पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के खिलाफ कानूनी ढांचे को काफी सख्त बनाना है।

इसके मुख्य प्रावधानों में शामिल हैं:

  • संगठित पेपर लीक अपराधों के लिए अधिकतम सजा को बढ़ाकर 10 साल की जेल करना।
  • संगठित नकल रैकेट के लिए अधिकतम जुर्माना बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करना।
  • नकल और परीक्षा में गड़बड़ी के नए डिजिटल तरीकों को शामिल करने के लिए 'अनुचित साधनों' (unfair means) की परिभाषा का विस्तार करना।
  • पेपर लीक या गड़बड़ी में शामिल पाए जाने वाले संस्थानों, परीक्षा अधिकारियों और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए सख्त जवाबदेही तय करना।
  • संगठित नकल सिंडिकेट को खत्म करने के लिए जांच और कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत करना।

यह विधेयक ऐसे समय में लाया जा रहा है, जब बार-बार हो रहे परीक्षा पेपर लीक को लेकर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सख्त सजा और कड़े कानून जरूरी हैं।

वहीं, इस चर्चा में युवा सांसदों की अहम भूमिका होने उम्मीद है। ऐसे में सोमवार की बहस केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह देश के लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने पर भी केंद्रित रहेगी।

यह भी पढ़ें: Anti-Paper Leak Bill: '10 साल जेल और 10 करोड़ का जुर्माना...'; संसद में आज पेश होगा 'एंटी-पेपर लीक बिल', यहां पढ़ें बड़ी बातें

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।