Delhi Air Pollution: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राष्ट्रीय राजधानी में गंभीर प्रदूषण लेवल के लिए माफ़ी मांगी है। लेकिन सिरसा ने पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को यह समस्या विरासत में देने का आरोप लगाया। सिरसा ने यह भी कहा कि 10 महीने की सरकार के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को कम करना नामुमकिन है। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में BJP सरकार ने इसे कंट्रोल में रखने के लिए बेहतर काम किया है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के मंत्री ने कहा, "किसी भी चुनी हुई सरकार के लिए 9-10 महीनों में AQI कम करना नामुमकिन है। मैं दिल्ली में प्रदूषण के लिए माफी मांगता हूं। हम बेईमान AAP सरकार से बेहतर काम कर रहे हैं, और हमने हर दिन AQI कम किया है।" उन्होंने आगे कहा, "यह प्रदूषण की बीमारी हमें आम आदमी पार्टी ने दी है। हम इसे ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।"
इस दौरान मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की है कि 18 दिसंबर (गुरुवार) से राष्ट्रीय राजधानी में बिना वैलिड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के वाहनों को पेट्रोल पंपों पर तेल भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिरसा ने कहा कि वाहन मालिकों को नियम का पालन करने के लिए एक दिन का समय दिया गया है।
उन्होंने कहा, "कल के बाद, जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा।" मंत्री ने दावा किया कि इस साल दिल्ली की एयर क्वालिटी पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग आठ महीने बेहतर रही। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल ही में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। लेकिन दावा किया कि मौजूदा सरकार की ओर से गत 10 महीनों से की जा रही कोशिशों के कारण स्थिति अब भी पिछले साल से बेहतर है।
सिरसा ने विपक्षी आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली को बदतर बनाने के बाद अब वह प्रदूषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करके ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने अपने कार्यकाल में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कौन से ठोस कदम उठाए थे।
मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए रोजाना कदम उठा रही है। इसमें कचरे के ढेरों की ऊंचाई 15 मीटर कम करना और 45 एकड़ भूमि की सफाई और रीसाइक्लिंग करना शामिल है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने अब तक 2,000 से अधिक प्रदूषण निगरानी स्टेशन भी स्थापित किए हैं।
सिरसा ने कहा कि जैविक पदार्थों से खाद बनाने वाले कम्पोस्टिंग प्लांट में योगदान करते हैं। सरकार ने उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ संचालन सुनिश्चित करने के लिए हीटर उपलब्ध कराए हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीयूसी नियमों के उल्लंघन पर चालान काटे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शहर में प्रदूषण के 13 प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। संबंधित एजेंसियों को इनसे निपटने के लिए आमंत्रित किया है। सिरसा ने दावा किया है कि कोविड काल को छोड़कर, इन स्थानों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर इस साल पिछले एक दशक की तुलना में कम रहा है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सिरसा ने कहा कि सरकार स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। शहर में 7,500 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है, जिससे वाहनों से होने वाला प्रदूषण काफी हद तक कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक वैज्ञानिक समिति का गठन किया गया है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपायों की सिफारिश करने के लिए बैठकें भी की गई हैं।