Delhi Air Quality: दिल्लीवालों के लिए दो दिनों तक प्रदूषण से राहत के बाद फिर से राजधानी की हवा जहरीली हो गई है। बुधवार को GRAP-4 की पाबंदियां हटने के बाद उम्मीद थी कि हालात सुधरेंगे, लेकिन शनिवार को वायु गुणवत्ता (AQI) एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। महज 48 घंटों के भीतर हवा की सेहत इतनी बिगड़ी कि दिल्ली का औसत AQI 385 तक जा पहुंचा, जो 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में आता है। कई इलाकों में तो यह 500 के करीब दर्ज किया गया, जिससे राजधानी पर एक बार फिर 'स्मॉग' की चादर तन गई है। रविवार, आज सुबह दिल्ली के कई इलाकों में AQI 450 के आसपास दर्ज किया गया।
दिल्ली के प्रमुख 'हॉटस्पॉट'
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली के 40 में से 20 निगरानी स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई। शादीपुर, विवेक विहार, अशोक नगर, बवाना, चांदनी चौक, द्वारका, मुंडका और आईटीओ (ITO) इन इलाकों में AQI 400 के ऊपर रहा। गुरुवार को जहां AQI 234 था, वहीं शनिवार शाम तक यह उछलकर 385 हो गया।
कौन है इस जहरीली हवा का असली गुनहगार?
'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' (DSS) के आंकड़ों ने दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारणों का खुलासा किया है। दिल्ली के अपने प्रदूषण में सबसे बड़ा हाथ गाड़ियों का है, जो 16.2% हिस्सेदारी रखता है। वहीं दिल्ली की हवा बिगाड़ने में हरियाणा के झज्जर का सबसे बड़ा योगदान (17.5%) रहा। इसके बाद सोनीपत (5.8%) और रोहतक (5.6%) का नंबर आता है। औद्योगिक उत्सर्जन (8.5%), आवासीय धुआं (4%) और बायोमास जलाना (1.6%) भी जिम्मेदार है।
कोहरा और कम हवा ने बिगाड़ा खेल
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंस कर रह गए है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री रहा।सुबह आर्द्रता 70% थी, जो शाम तक बढ़कर 100% हो गई। हवा में इतनी नमी और कम तापमान 'स्मॉग' बनाने के लिए आदर्श स्थिति पैदा करते हैं। रविवार यानी आज सुबह घना कोहरा छाया रहा। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में धुंध और कोहरे का डबल अटैक देखने को मिल सकता है। कोहरा जितना घना होगा, प्रदूषण के कण जमीन के उतने ही करीब रहेंगे, जिससे सांस लेना और मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की रफ्तार नहीं बढ़ती, दिल्ली को इस 'गैस चैंबर' जैसी स्थिति से राहत मिलना मुश्किल है।