Delhi AQI: दिल्ली-NCR में GRAP-4 की पाबंदियां हटाई गई, एयर क्वालिटी में मामूली सुधार के बाद फैसला

Delhi GRAP-4: एयर क्वालिटी में मामूली सुधार के बाद दिल्ली-NCR में GRAP-4 की पाबंदियों को हटा दी गई है। मंगलवार (20 जनवरी) को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 378 दर्ज किया गया। फिलहाल, AQI फिलहाल 'बहुत खराब' कैटेगरी में है

अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 7:29 PM
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Delhi Air Quality: दिल्ली में AQI फिलहाल 'बहुत खराब' कैटेगरी में है

Delhi Air Quality: कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने मंगलवार (20 जनवरी) को एयर क्वालिटी में मामूली सुधार के बाद दिल्ली-NCR में GRAP-4 की पाबंदियों को हटाने की घोषणा की है। मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 378 दर्ज किया गया। फिलहाल, AQI फिलहाल 'बहुत खराब' कैटेगरी में है।

राजधानी में सोमवार (19 जनवरी) को AQI 410 और रविवार (18 जनवरी) को 440 दर्ज किया गया था। GRAP-4 के तहत कड़ी पाबंदियां राजधानी और आस-पास के इलाकों में शनिवार, 17 जनवरी को लगाई गई थीं। जब हवा की एयर क्वालिटी 'गंभीर' कैटेगरी में चली गई थी।

केंद्रीय एजेंसी के एक बयान में कहा गया है, "मौसम की अनुकूल परिस्थितियों और हवा की गति में बढ़ोतरी के कारण दिल्ली के AQI में सुधार हुआ है। 20.01.2026 को यह 378 (बहुत खराब) दर्ज किया गया। इसके अलावा, IMD/IITM के पूर्वानुमान बताते हैं कि आने वाले दिनों में दिल्ली का AQI इसी रेंज में रहने की संभावना है।"


बयान में आगे कहा गया है, "उपरोक्त को देखते हुए, उप-समिति ने 17.01.2026 के अपने आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया है। इसमें मौजूदा GRAP के स्टेज IV (गंभीर+ कैटेगरी, AQI 450) के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी।"

हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि GRAP-III और उससे नीचे की कार्रवाई जारी रहेंगी। मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं और मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि आने वाले दिनों में दिल्ली का औसत AQI 'बहुत खराब' कैटेगरी में रहेगा।

बयान में आगे कहा गया है, "उप-समिति हवा की क्वालिटी की स्थिति पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगी। IMD/IITM द्वारा जारी AQI लेवल और पूर्वानुमानों के आधार पर आगे उचित फैसलों के लिए समय-समय पर इसकी समीक्षा करेगी।"

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट कहती है कि गंगा के मैदानी क्षेत्रों और हिमालय के तलहटी वाले इलाकों में वायु प्रदूषण दक्षिण एशिया में स्वास्थ्य और विकास की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसमें कहा गया है कि लगभग एक अरब लोग हर दिन खतरनाक हवा के संपर्क में आते हैं। इससे सालाना लगभग 10 लाख लोगों की समय से पहले मौत हो जाती है। साथ ही औसत जीवन प्रत्याशा तीन साल से ज्यादा कम हो जाती है।

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कांग्रेस ने प्रदूषण पर वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूछा कि सरकार कब तक सच्चाई को मानने से इनकार करती रहेगी। कांग्रेस महासचिव (संचार) और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी वायु प्रदूषण से पैदा हुए स्वास्थ्य संकट को देखते हुए कई उपाय सुझा रही है। इसमें बिना किसी ढील के नियमों और मानकों को सख्ती से तथा बिना किसी समझौते के लागू करना शामिल है।

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