Punjab Kesari Row: सुप्रीम कोर्ट ने 'पंजाब केसरी' अखबार ग्रुप को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार (20 जनवरी) को निर्देश दिया कि कथित उल्लंघनों के कारण पंजाब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बिजली सप्लाई काटने के फैसले के बावजूद पंजाब केसरी अखबार के प्रिंटिंग प्रेस बिना किसी रुकावट के चलते रहेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने अखबार की याचिका पर तुरंत संज्ञान लिया। इसमें कहा गया था कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के फैसले से अखबार के कुछ एडिशन के पब्लिकेशन पर असर पड़ेगा।
ग्रुप की ओर से पेश हुए सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा, "एक आर्टिकल की वजह से हमारा अखबार बंद नहीं होना चाहिए। हमारे प्रेस की बिजली काटी जा रही है।" सीनियर वकील रोहतगी ने आगे कहा, "मौजूदा सरकार के खिलाफ पंजाब केसरी में छपे एक आर्टिकल की वजह से प्रिंटिंग प्रेस की बिजली सप्लाई काट दी गई है। ग्रुप के होटलों को सील कर दिया गया है... मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं।"
उन्होंने कोर्ट को बताया कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की थी। लेकिन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई है। अखबार ग्रुप की याचिका पर विचार करते हुए बेंच ने कहा, "किसी भी पक्ष के अधिकारों पर बिना कोई असर डाले और मामले की खूबियों पर कोई राय व्यक्त किए बिना, यह निर्देश दिया जाता है कि पंजाब केसरी के प्रिंटिंग प्रेस बिना किसी रुकावट के चलते रहेंगे और अन्य संपत्तियों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।"
आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के वकील ने कहा कि ग्रुप को प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया है। पंजाब केसरी अखबार समूह ने राज्य में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर आरोप लगाया है कि कानून लागू करने वाले अधिकारियों द्वारा कई छापों के जरिए उसे निशाना बनाया जा रहा है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब केसरी समूह का समर्थन करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार हमेशा स्वतंत्र प्रेस के साथ मजबूती से खड़ी रही है। सैनी ने सीमावर्ती राज्य में उग्रवाद के दिनों के दौरान पंजाब केसरी समूह की निष्पक्ष पत्रकारिता की प्रशंसा की। सैनी ने कहा कि इसने दशकों से सत्य, निडरता और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए खुद को समर्पित किया है।
पंजाब केसरी अखबार समूह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा कई छापेमारी के जरिए उसे निशाना बनाया जा रहा है। समूह ने यह भी कहा कि ये सिलसिला तब शुरू हुआ, जब उसने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर एक निष्पक्ष और संतुलित खबर प्रकाशित की थी।
अखबार समूह ने आरोप लगाया कि प्रेस को डराने के मकसद से निशाना बनाकर ये छापे मारे गए। इस बीच, बीजेपी की पंजाब इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। BJP ने आम आदमी पार्टी सरकार पर मीडिया संस्थानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। साथ ही मुख्यमंत्री मान को मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने देने का निर्देश देने का आग्रह किया।