Delhi EV Policy 2.0: दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई ईवी पॉलिसी 2.0 को मंजूरी दे दी है, जिसे 1 जुलाई से लागू किया जाएगा। इस पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर लोगों को टैक्स में छूट और दूसरी आर्थिक मदद मिलेगी। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों की बजाय इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस योजना के तहत अगले चार वर्षों में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करें। इसके लिए चार्जिंग की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम किया जाएगा। इससे दिल्ली में प्रदूषण कम होगा और लोगों को साफ व बेहतर परिवहन व्यवस्था मिल सकेगी।
माफ होगा रजिस्ट्रेशन शुल्क
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। नई ईवी पॉलिसी के तहत 30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक की इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा। इससे लोगों को नई ईवी खरीदने में कम खर्च करना पड़ेगा और ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन खरीदने वालों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के अनुसार, नई ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन खरीदने वालों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर खरीदने पर पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 तक का इंसेंटिव मिलेगा। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को दे रही बढ़ावा
दिल्ली सरकार ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले वाहनों की जगह धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। नई नीति के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से राजधानी में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही नया पंजीकरण होगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी बंद कर दिया जाएगा। उस समय से सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर ही नए पंजीकरण के लिए मान्य होंगे। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना और प्रदूषण में कमी लाना है।
2027 तक हो 95 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन
दिल्ली सरकार ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2027 तक राजधानी में होने वाले नए वाहन पंजीकरण में लगभग 95 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन हों। इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और लोगों को पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों से ईवी की ओर लाने पर काम करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई ईवी नीति का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को अधिक स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, जिससे प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी के तहत पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वालों को विशेष लाभ दिया जाएगा। बीएस-4 या उससे पुराने चारपहिया वाहन स्क्रैप कराने पर मालिकों को 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। वहीं, एन1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने वालों को भी खरीद पर 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे व्यावसायिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
2030 तक दिल्ली को प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है
दिल्ली सरकार के मुताबिक, नई ईवी पॉलिसी राजधानी में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य 2030 तक दिल्ली को अधिक साफ और प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस नीति के तहत केवल पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों को ही प्रोत्साहन और सब्सिडी मिलेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता का लाभ नहीं दिया जाएगा। इससे साफ है कि सरकार का पूरा ध्यान शून्य प्रदूषण वाले वाहनों को बढ़ावा देने पर है।