दिल्ली पुलिस ने गुरुवार शाम 23 साल के आरोपी राहुल मीना को, जो एक IRS अधिकारी की बेटी की हत्या के आरोप में पकड़ा गया है, पोटेंसी टेस्ट के लिए ले जाया। शुक्रवार को आई मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी शारीरिक रूप से सक्षम है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, केस को मजबूत बनाने के लिए हर तरह के वैज्ञानिक सबूत जुटाए जा रहे हैं। पोटेंसी टेस्ट की रिपोर्ट भी अहम सबूतों में शामिल होगी, साथ ही दूसरे मेडिकल और फॉरेंसिक सबूत भी जोड़े जा रहे हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिसे आरोपी ने लाजपत नगर इलाके में एक डस्टबिन में फेंक दिया था। इसके अलावा आरोपी की मानसिक स्थिति समझने के लिए उसका साइको एनालिसिस भी कराया जा रहा है।
साथ ही पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट करेगी, ताकि यह पता चल सके कि वारदात के बाद आरोपी किस रास्ते से गया और उसने क्या-क्या किया।
अब तक पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 1.6 लाख रुपए कैश और 3-4 लाख रुपए के गहने बरामद किए हैं, जो उसने घर से लूटे थे। इनमें से करीब 6,800 रुपये उसने होटल, सफर और खाने-पीने में खर्च कर दिए थे।
पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया है कि पीड़िता ने हमले के दौरान खुद को बचाने की कोशिश की थी। उसके शरीर पर कई जगह खरोंच, चोट के निशान और त्वचा फटने के सबूत मिले हैं, खासकर हाथों, बाजुओं और पैरों पर। चेहरे पर गहरे जख्म और कट के निशान थे, साथ ही नाक की हड्डी भी टूटी हुई थी। इससे साफ होता है कि उसके चेहरे पर जोरदार हमला किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद वह शव को पहली मंजिल से घसीटकर नीचे लाया, ताकि उसके अंगूठे का इस्तेमाल करके घर का लॉकर खोल सके, जिसमें नकदी रखी थी।