एक तांत्रिक, पैसे डबल करने का वादा और जहर के लड्डू! दिल्ली फ्लाईओवर पर हुए ट्रिपल मर्डर का ऐसे हुआ खुलासा
परिवार ने आत्महत्या की आशंका से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि तीनों आरोपी बाबा के संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने जहर देकर पैसे लूटने की बात कबूल की है। पुलिस को पहला सुराग लक्ष्मी देवी के परिवार से मिला
Delhi Peeragarhi Flyover Murder: आरोपी कमरुद्दीन उर्फ ‘बाबा’
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर कार में दो पुरुष और एक महिला के शव मिलने के मामले में पुलिस ने रहस्य सुलझाने का दावा किया है। बुधवार को एक कथित ढोंगी बाबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी कमरुद्दीन उर्फ ‘बाबा’ ने तीनों को जहर मिली मिठाई खिलाई और उनके पास मौजूद करीब 2 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। वह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है और लोनी व फिरोजाबाद में तांत्रिक केंद्र चलाता था।
दरअसल रविवार सुबह पुलिस को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक कार में तीन शव मिले। 76 साल के रणधीर सिंह ड्राइवर सीट पर मृत पाए गए, जबकि 47 साल के शिव नरेश सिंह और 40 साल की लक्ष्मी देवी पीछे की सीट पर बेसुध हालत में मिले।
तीनों के शरीर पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं थे। रणधीर और शिव, दोनों नजफगढ़ के बापरोला गांव के रहने वाले और प्रॉपर्टी डीलर थे। परिवार वालों ने बताया कि वे एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन लक्ष्मी देवी के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
पुलिस ने कैसे किया खुलासा?
परिवार ने आत्महत्या की आशंका से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि तीनों आरोपी बाबा के संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने जहर देकर पैसे लूटने की बात कबूल की है।
पुलिस को पहला सुराग लक्ष्मी देवी के परिवार से मिला। परिवार ने बताया कि लक्ष्मी एक ‘बाबा’ के संपर्क में थीं।
इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा की जांच की। जांच में पता चला कि घटना से एक दिन पहले तीनों लोग गाजियाबाद के लोनी गए थे और वहां ‘बाबा’ से संपर्क में थे। जिस दिन उनके शव मिले, उस दिन भी वे लोनी गए थे।
तकनीकी जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली लौटते समय कार में एक चौथा व्यक्ति भी मौजूद था। सबूतों से पता चला कि कमरुद्दीन उर्फ ‘बाबा’ लोनी से कार में बैठा था और दिल्ली पहुंचने से पहले ही उतर गया।
पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान, पुलिस ने बताया कि उसने पहले तो जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में कथित तौर पर कबूल लिया कि लगभग दो महीने पहले किसी जानने वाले शख्स के जरिए उसकी मुलाकात लक्ष्मी से हुई थी।
लगता है कि लक्ष्मी ही शिव और रणधीर को उसके पास ले आई। आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें धनवर्षा की पूजा करने के लिए राजी किया, बहुता ज्यादा लाभ का लालच दिया और उनसे पूजा के लिए 2 लाख रुपए कैश, शराब और कोल्ड ड्रिंक्स लाने को कहा।
DCP (आउटर दिल्ली) सचिन शर्मा ने बताया, “उसने जहर मिले लड्डू तैयार किए और तीनों के साथ उनकी कार में गया। यात्रा के दौरान, उसने कथित तौर पर उन्हें शराब, कोल्ड ड्रिंक्स और मिठाई खाने के लिए राजी किया। जब वे बेहोश हो गए, तो उसने कथित तौर पर नकदी ली और गाड़ी छोड़कर भाग गया।”
जांचकर्ताओं ने बताया कि तकनीकी और परिस्थिति के आधार पर मिले सबूत ये पुष्टि करते हैं कि वारदात के दौरान बाबा कार में ही मौजूद था।
DCP ने आगे कहा, “आरोपी पर पहले भी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। हम अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसने इसी तरह की रणनीति का इस्तेमाल करके अन्य लोगों को भी निशाना बनाया होगा।”
इस मामले में पश्चिम विहार ईस्ट थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। जहर किस तरह का था, यह पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
पुलिस ने पहले दावा किया था कि कमरुद्दीन के कुछ पुराने ग्राहक भी संदिग्ध हालात में मारे गए थे या लापता हो गए थे।
एक अधिकारी के अनुसार, आरोपी लोगों को जल्दी पैसा कमाने का लालच देता था। वह दावा करता था कि तंत्र-मंत्र और कथित गुप्त विधियों से वह लोगों का पैसा दोगुना या तिगुना कर सकता है। इसी झांसे में फंसाकर वह लोगों को अपने पास बुलाता था।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं और लोग तो उसके जाल में नहीं फंसे।