Delhi Violence: तुर्कमान गेट हिंसा मामले में 11 गिरफ्तार! 10 इन्फ्लुएंसर और WhatsApp ग्रुप जांच के दायरे में, सपा नेता को नोटिस भेजने की तैयारी
दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट हिंसा के सिलसिले में 6 और गिरफ्तारियां की है। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को ध्वस्त करने के बारे में झूठे दावे करने वाले 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की पहचान हुई है। दिल्ली पुलिस समाजवादी पार्टी (SP) के नेता मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजने की योजना बना रहे हैं
Turkman Gate violence: नई दिल्ली में रामलीला मैदान इलाके में एक मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद की तस्वीर है। (फोटो क्रेडिट: PTI)
Turkman Gate violence:दिल्लीपुलिसनेतुर्कमानगेटहिंसाकेसिलसिलेमेंछहऔरगिरफ्तारियांकी है। फैज-ए-इलाहीमस्जिदकेपास अवैध कब्जे वालेक्षेत्रकोध्वस्तकरनेकेबारेमेंझूठेदावेकरनेवालेकमसेकम 10 सोशलमीडियाइन्फ्लुएंसरोंकीपहचान हुई है। इन नई गिरफ्तारियोंकेसाथअबतकपकड़ेगएलोगोंकीकुलसंख्या 11 होगईहै। इनमेंएकनाबालिगभीशामिलहै। अधिकारियों नेबतायाकिपुलिसनेकथिततौरपरगुमराहकरनेवालेऑडियोमैसेजफैलानेकेआरोपमेंकईWhatsApp ग्रुप कोजांचकेदायरेमेंरखा है।
दिल्ली पुलिस ने कहाकिवेसमाजवादीपार्टी (SP)केनेतामोहिबुल्लाहनदवीकोजांचमेंशामिलहोनेकेलिएनोटिसभेजनेकीयोजनाबनारहे हैं। वह जोकथिततौरपरमौकेपरमौजूदथे। दिल्लीपुलिसकेजॉइंट कमिश्नर मधुरवर्मानेपहलेकहाथा, "शुरुआतीजांचमेंयहसामनेआयाहैकिनदवीवहांमौजूद थे। लेकिनजबतकतोड़फोड़शुरूहुई, तबतकवहचलेगएथे। इसकीजांचकीजारहीहै।"
फैज-ए-इलाहीमस्जिदकेपासदिल्लीनगरनिगम (MCD) केअतिक्रमणविरोधीअभियान के दौरान हिंसा भड़कने के बाद तुर्कमानगेट इलाके में महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा करने के लिए एक फोरेंसिक टीम तैनात की गई थी। उस दौरान पत्थरबाजी की खबरें आई थीं।
अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने घटनाक्रम का पुनर्निर्माण करने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के प्रयासों के तहत घटनास्थल का सावधानीपूर्वक निरीक्षण किय। साथ ही सैंपल इकट्ठा और नुकसान का दस्तावेजीकरण किया।
कैसे भड़की हिंसा?
पुलिस ने कहा कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को मस्जिद के पास अदालत के आदेश पर चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान व्हाट्सएपवॉयसनोट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए फैलाई गई गलत सूचनाओं के कारण पत्थरबाजी हुई।
आरोपियों के नाम
एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल) निधिनवलसन ने पीटीआई को बताया, "हाल ही में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों की पहचान अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अथर और उबेद के रूप में हुई है। ये सभी तुर्कमानगेट इलाके के रहने वाले हैं।" उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक एक नाबालिग समेत 11 लोगों को पकड़ा जा चुका है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
अचानक 200 लोग मौके पहुंचें
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को पत्थरबाजी मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में से पांच को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने बताया कि एमसीडी द्वारा मस्जिद को गिराए जाने के आरोप वाले भ्रामक WhatsAppऑडियो मैसेज समुदाय, धार्मिक समूहों और आस-पड़ोस के समूहों में वायरल हुए। इसके कारण इलाके में 200 से अधिक लोग जमा हो गए।
आरोपियों ने लोगों को भड़काया!
दिल्ली की एक कोर्ट ने गुरुवार को पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में पहले गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में से पांच को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने बताया कि WhatsApp पर गुमराह करने वाले ऑडियो मैसेज सर्कुलेट किए गए थे। इनमें आरोप लगाया गया था कि MCD (दिल्ली नगर निगम) ने एक मस्जिद को गिरा दिया है। इन मैसेज की वजह से इलाके में लोग इकट्ठा हो गए थे।
उन्होंने बताया कि आक्रामक या भड़काऊ संदेशों वाले चार से पांच व्हाट्सऐप समूहों पर कड़ी निगरानी रखी गई थी। हालांकि घटना से ठीक पहले कोई नया समूह नहीं बनाया गया था। अतिरिक्त पुलिस कांस्टेबल ने कहा, "हमारी टीम पहले ही इनमें से कई WhatsApp ग्रुप में शामिल हो गई थीं। उन्होंने झूठी अफवाहों का सक्रिय रूप से खंडन किया था। इससे व्यापक लामबंदी को रोकने में मदद मिली।"
पुलिस ने सावधानी बरती
उन्होंने आगे बताया कि एसीपी और एसएचओ ने अमन समिति के सदस्यों, समुदाय के बुजुर्गों और धार्मिक नेताओं से घटना से काफी पहले संपर्क कर यह स्पष्ट कर दिया था कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। पुलिस ने कम से कम 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की पहचान की है। इन पर मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की अफवाहें फैलाने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि एक महिला इन्फ्लुएंसर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उसके द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो को पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी टीमों ने भ्रामक और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाला बताया था। कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।
वलसन ने बताया कि उन्होंने अभियान शुरू होने से कुछ दिन पहले 120 से अधिक मौलवियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी। उन्हें समझाया था कि केवलअवैध अतिक्रमण ही हटाए जाएंगे। इस दौरान मस्जिद को नहीं गिराया जाएगा।
धार्मिक नेताओं को अदालत के आदेश को चुनौती देने के कानूनी विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी गई थी। इस बीच, गुरुवार को भी कुछ अतिक्रमित हिस्सों को ध्वस्त करने का काम जारी रहा। नगर निगम के कर्मचारियों ने भी घटनास्थल से मलबा हटाया।
हिंसा में स्थानीय थाना अधिकारी सहित कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने या सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।