डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने टर्किश एयरलाइंस को एविएशन स्टैंडर्ड्स और रेगुलेशंस का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। DGCA को अपने निरीक्षण में एयरलाइंस के ऑपरेशंस में कुछ खामियां मिली हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से 4 जून को जारी बयान के अनुसार, DGCA ने दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु में टर्किश एयरलाइंस की पैसेंजर और कार्गो फ्लाइट्स का सुरक्षा निरीक्षण और रैंप (SOFA/RAMP) निरीक्षण किया। इसके बाद ये निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण 29 मई से 2 जून तक किया गया। कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य इंटरनेशनल और नेशनल सेफ्टी रेगुलेशंस का अनुपालन सुनिश्चित करना था। टर्किंश एयरलाइंस को इन निष्कर्षों पर तुरंत ध्यान देने और ICAO स्टैंडर्ड्स एंड रेकमेंडेड प्रैक्टिसेज के साथ-साथ DGCA के रेगुलेशंस का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
टर्किंश एयरलाइंस के निरीक्षण में क्या पाया गया
- बेंगलुरु हवाई अड्डे पर जमीनी संचालन को संभालने वाले मार्शलर के पास मार्शलिंग कार्यों के लिए ऑथराइजेशन और वैध योग्यता कार्ड की कमी थी।
- एयरक्राफ्ट के अराइवल के दौरान एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर उपलब्ध नहीं था। अराइवल प्रोसीजर एक टेक्नीशियन द्वारा पूरा किया गया। टर्किश एयरलाइंस के लिए एयरवर्क्स, ऑथराइज्ड इंजीनियरिंग सर्विस प्रोवाइडर है।
- कार्गो में खतरनाक सामान था। विस्फोटकों को भारत से ले जाने/भारत में लाने के लिए DGCA से इजाजत की जरूरत होती है। बयान के अनुसार, ऐसी कोई परमिशन अटैच नहीं पाई गई, न ही सामान को डेंजरस गुड्स डिक्लेरेशन में मेंशन किया गया।
- टर्किश एयरलाइंस के पास हैदराबाद और बेंगलुरु में अपने ग्राउंड हैंडलिंग एजेंट (GHA) के साथ लिखित औपचारिक सर्विस लेवल एग्रीमेंट (SLA) नहीं था। हैदराबाद और बेंगलुरु में सीढ़ी, स्टेप लैडर, ट्रॉली और ग्राउंड पावर यूनिट जैसे उपकरणों में उचित जवाबदेही और निगरानी का अभाव था। ग्लोब ग्राउंड इंडिया सेलेबी से औपचारिक हैंडओवर के बिना ग्राउंड सर्विसेज प्रदान कर रही थी।
DGCA के निर्देश और अगले कदम
इन निष्कर्षों के जवाब में, DGCA ने टर्किश एयरलाइंस को सभी कमियों को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया है। DGCA ने कहा है कि आगे के फॉलो अप इंस्पेक्शंस भी आवश्यक तौर पर किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किए, पाकिस्तान के सपोर्ट में खड़ा नजर आया था। इसके बाद, देश में तुर्किए को लेकर आक्रोश पैदा हो गया और उसके बहिष्कार की मांग होने लगी। तुर्किए पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए दिल्ली सहित 9 प्रमुख भारतीय हवाई अड्डों पर ऑपरेशंस की देखरेख करने वाली टर्किश कंपनी सेलेबी के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस रद्द कर दिया।
इंडिगो को टर्किश एयरलाइंस के साथ 3 महीने में खत्म करना है लीज एग्रीमेंट
इंडिगो और टर्किश एयरलाइंस की डील भी खतरे में आई। सरकार ने इंडिगो को टर्किश एयरलाइंस के साथ अपने एयरक्राफ्ट लीज एग्रीमेंट को 3 महीने के अंदर खत्म करने के लिए कहा है। इंडिगो ने टर्किश एयरलाइंस से 2 बोइंग 777-300 ईआर एयरक्राफ्ट्स को लीज पर लिया है। वैसे तो यह लीज 31 मई 2025 को खत्म हो रही थी लेकिन इसे आगे न बढ़ाए जाने और अचानक व्यवधान से यात्रियों को असुविधा हो सकती थी। इसलिए DGCA ने लीज को 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है। ‘डंप लीज’ के तहत टर्किश एयरलाइंस प्लेन, पायलट और रखरखाव की सुविधा दे रही है, जबकि चालक दल के अन्य सदस्य इंडिगो के हैं।