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ट्रांसजेंडर कानून के संशोधन क्यों बढ़ा रहे मुश्किलें? हार्मोन थेरेपी को लेकर एक्सपर्ट-मरीज दोनों परेशान, पहचान की भी मुसीबत

सरकार का कहना है कि वह आपसी सहमति और मेडिकल देखरेख में की जाने वाली देखभाल को अपराध नहीं मानती, लेकिन एक्टिविस्ट और डॉक्टरों का कहना है कि इस संशोधन से हज़ारों लोगों के लिए अनिश्चितता पैदा हो गई है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Sep 17, 2026 पर 4:10 PM
ट्रांसजेंडर कानून के संशोधन क्यों बढ़ा रहे मुश्किलें? हार्मोन थेरेपी को लेकर एक्सपर्ट-मरीज दोनों परेशान, पहचान की भी मुसीबत
सरकार का कहना है कि आपसी सहमति और मेडिकल देखरेख में होने वाले इलाज को अपराध नहीं माना गया है, लेकिन कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों का कहना है कि इस संशोधन से हजारों लोगों के लिए अनिश्चितता पैदा हो गई है।

जब भारत में ट्रांसजेंडर महिला काली सिद्धार्थ मेदेपल्ली ने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी शुरू की तो उन्हें उम्मीद थी कि वह एक साल के अंदर अपना मेडिकल ट्रांजिशन पूरा कर लेंगी और सर्जरी करवा लेंगी। लेकिन इस साल की शुरुआत में इलाज शुरू करने के कुछ ही महीनों बाद भारत की संसद ने देश के ट्रांसजेंडर कानून में संशोधन किया और जिस क्लिनिक में उनका इलाज चल रहा था, उसने उनकी दवाएं रोक दीं।

दक्षिणी शहर हैदराबाद में 23 साल की कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट और LGBTQ अधिकारों की कार्यकर्ता काली ने AFP को बताया, "सब कुछ बंद हो गया।" काली ने बताया कि उन्हें 10 दिनों तक टेस्टोस्टेरोन ब्लॉकर के बिना रहना पड़ा, जिससे उन्हें हॉट फ्लश (अचानक गर्मी महसूस होना) और शरीर में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

इस संशोधन में सर्जिकल, केमिकल या हार्मोनल प्रक्रियाओं के जरिए किसी को ट्रांसजेंडर पहचान अपनाने के लिए मजबूर करने पर सजा का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों का मकसद शोषण, जबरदस्ती पहचान थोपने और तस्करी के मामलों में सजा को कड़ा करके कमजोर वर्गों की बेहतर सुरक्षा करना है।

सरकार का कहना है कि आपसी सहमति और मेडिकल देखरेख में होने वाले इलाज को अपराध नहीं माना गया है, लेकिन कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों का कहना है कि इस संशोधन से हजारों लोगों के लिए अनिश्चितता पैदा हो गई है। ट्रांसजेंडर कल्याण पर सुप्रीम कोर्ट की सलाहकार समिति की सदस्य और ट्रांसजेंडर अधिकारों की कार्यकर्ता वैजयंती वसंत मोगली ने कहा, "अभी हेल्थकेयर सिस्टम में बहुत डर का माहौल है।"

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