जब भारत में ट्रांसजेंडर महिला काली सिद्धार्थ मेदेपल्ली ने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी शुरू की तो उन्हें उम्मीद थी कि वह एक साल के अंदर अपना मेडिकल ट्रांजिशन पूरा कर लेंगी और सर्जरी करवा लेंगी। लेकिन इस साल की शुरुआत में इलाज शुरू करने के कुछ ही महीनों बाद भारत की संसद ने देश के ट्रांसजेंडर कानून में संशोधन किया और जिस क्लिनिक में उनका इलाज चल रहा था, उसने उनकी दवाएं रोक दीं।
