हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक बेहद ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सिरमौर के नाहन में एक तेंदुआ भेड़-बकरियों के फार्म में शिकार को गया। मगर बाड़े के भीतर ‘गद्दी कुत्तों’ ने तेंदुए को पूरी रात भेड़-बकरियों पर हमला नहीं करने दिया। वहीं फॉर्म के मालिक ने सुबह जब गेट खोला था, तो तेंदुए ने उनपर अटैक कर दिया। इस हमले में फार्म के दो मालिक घायल हो गए और आसपास के इलाके में डर का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गद्दी कुत्ते तेंदुए का सामना करते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि तेंदुआ रात के समय नाहन के पास सतीवाला इलाके में फार्म के अंदर घुस आया था। वहां जानवरों की सुरक्षा के लिए रखे गए गद्दी कुत्तों के झुंड ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए तेंदुए को घेर लिया। कुत्तों ने उसे फार्म के एक हिस्से में रोक लिया, जिससे वह खुले इलाके की ओर भाग नहीं सका। बता दें कि, गद्दी कुत्ते पश्चिमी हिमालयी इलाकों में पाए जाने वाले मजबूत और बड़े पहाड़ी कुत्ते होते हैं। ये खासतौर पर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर में देखे जाते हैं। स्थानीय चरवाहे इनका इस्तेमाल भेड़-बकरियों की रखवाली के लिए करते हैं। ये कुत्ते बर्फीले तेंदुए जैसे खतरनाक जंगली जानवरों से भी झुंड की रक्षा करने में सक्षम माने जाते हैं।
कुत्तों ने रात भर घेरे रखा
बताया जा रहा है कि सुबह जब फार्म का गेट खोला गया, तो अंदर छिपे तेंदुए ने अचानक संग्राम और नीरज नाम के दो लोगों पर हमला कर दिया। इस दौरान वहां अफरा-तफरी मच गई। लेकिन गद्दी कुत्तों ने बहादुरी दिखाते हुए तेंदुए का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जिससे दोनों लोग उसकी पकड़ से बचकर निकलने में सफल रहे। हमले में खेत के मालिक को चोटें आई हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुत्तों से बचने के लिए तेंदुआ पास में बने एक पतले नाले की पुलिया के पाइप में जाकर छिप गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने डार्ट गन का इस्तेमाल कर तेंदुए को बेहोश किया और उसे सुरक्षित काबू में लिया।