Dust Storm: धूल वाली आंधी से चुरू में दिन में अंधेरा, दिल्ली में 92Kmph की स्पीड के बाद अलर्ट! IMD वैज्ञानिक ने बताई इसकी वजह

Dust Storm: राजस्थान के चुरू और आसपास के रेतीले इलाकों में सोमवार को आए धूल भरे अंधड़ ने भयानक रूप अख्तियार कर लिया। आंधी इतनी भीषण थी कि हवा में उड़ती धूल के कारण विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई और दिन के उजाले में ही पूरी तरह अंधेरा छा गया

अपडेटेड Jun 15, 2026 पर 5:21 PM
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Dust Storm: धूल वाली आंधी से चुरू में दिन में ही अंधेरा छा गया

Dust Storm: सोमवार की दोपहर दिल्ली-NCR के आसमान में अचानक काले-घने बादल छा गए और देखते ही देखते पूरा इलाका तेज आंधी और धूल के गुबार की चपेट में आ गया। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर ठीक 2:30 बजे दिल्ली के पालम मौसम केंद्र पर 50 नॉट्स यानी 92 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं। इस भीषण थंडरस्टॉर्म को देखते हुए आईएमडी ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि पूरी राष्ट्रीय राजधानी में 70 से 90 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है। इससे पहले सुबह के समय भी दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई थी। दिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस अधिक था।

चुरू में दिन में पसरा अंधेरा, राजस्थान में थंडरस्क्वाल का अलर्ट


राजस्थान के चुरू और आसपास के रेतीले इलाकों में सोमवार को आए धूल भरे अंधड़ ने भयानक रूप अख्तियार कर लिया। आंधी इतनी भीषण थी कि हवा में उड़ती धूल के कारण विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई और दिन के उजाले में ही पूरी तरह अंधेरा छा गया। मौसम विभाग ने राजस्थान के कई हिस्सों में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार वाले थंडरस्क्वाल की चेतावनी दी है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी का दौर मंगलवार (16 जून) तक जारी रहने का अनुमान है।

IMD वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताई इस अचानक बदलाव की बड़ी वजह

दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में आए इस अचानक बदलाव और धूल भरी आंधी को लेकर आईएमडी (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार ने आधिकारिक बयान जारी कर इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझाया है।

IMD वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, 'पिछले कुछ दिनों से उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण लगातार मौसम में बदलाव देखे जा रहे हैं। आज उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस मौजूद है, जिसके चलते हमने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की आशंका है।'

दिल्ली को लेकर वैज्ञानिक का पूर्वानुमान

उन्होंने बताया कि, 'दिल्ली के लिए हमने आज 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था (जो बाद में मौसम के आक्रामक रुख के कारण रेड अलर्ट में बदला)। इसके बाद 18 जून से एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है, जिसके कारण दोबारा बारिश होगी। दिल्ली में इसके प्रभाव से 20 और 21 जून को हल्की बारिश होने का अनुमान है।'

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की हवाओं ने बदला मौसम का मिजाज

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के बदलने की दोहरी वजह है। पहला कारण उत्तरी हरियाणा के ऊपर बना हुआ वेदर सिस्टम है जो धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। दूसरा कारण यह है कि सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी से भरी हवाएं आपस में टकरा रही हैं।

इन दोनों सिस्टम के आपस में मिलने के कारण ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि मैदानी इलाकों में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चल रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मंगलवार (16 जून) से थोड़ा कमजोर पड़ने लगेगा, जिसके बाद तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

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19 जून तक कैसा रहेगा मौसम? जानिए राज्यों का हाल

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और आंधी-तूफान का यह दौर 19 जून तक रुक-रुक कर जारी रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 19 जून तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में भी 14 जून के बाद से स्थितियां ऐसी ही बनी हुई हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के लिए आईएमडी ने येलो अलर्ट जारी रखा है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में 19 जून तक गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और तेज धूल भरी हवाएं चलती रहेंगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बारिश से तात्कालिक राहत तो मिली है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 17 जून तक अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान स्थिर हो जाएगा। मध्य भारत में फिलहाल तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन हफ्ते के अंत में वहां हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।

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