दिल्ली के द्वारका में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 23 साल के साहिल धनेशरा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर अंदरूनी चोटों की जानकारी सामने आई हैं, जिससे पुष्टि होती है कि उन्हें घातक क्रैनियो-सेरेब्रल ट्रॉमा हुआ था और इसे "ऑन स्पॉट डेथ" का मामला घोषित किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, साहिल का गंभीर रूप से ब्रेन डैमेज हुआ था, जो किसी तेज टक्कर के कारण हुआ। रिपोर्ट में दिमाग के भीतर ब्लड क्लॉट है, जिसे सबड्यूरल हेमाटोमा कहते हैं। मस्तिष्क और उसकी बाहरी परत के बीच ब्लड क्लॉट आमतौर पर आमने-सामने की टक्कर के कारण होता है। डॉक्टरों ने दिमाग में गंभीर चोट भी देखी, जो सिर में गंभीर चोट का संकेत देता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि साहिल के शरीर के कई अहम अंगों, जैसे तिल्ली (स्प्लीन) और लीवर में गंभीर चोटें थीं। फेफड़ों और छाती की वॉल के बीच वाली जगह (प्लूरल कैविटी) में खून भर गया था, जो आमतौर पर छाती पर तेज चोट लगने से होता है।
उनकी कई पसलियां भी टूटी हुई थीं, जिससे पता चलता है कि टक्कर बहुत जोरदार थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि फूड पाइप (इसोफेगस) और गले (फैरिंक्स) में भी खून मिला, जो अंदरूनी चोटों की गंभीरता को दिखाता है।
डॉक्टरों ने मौत का कारण सिर और दिमाग में गहरी चोट के कारण हुए ज्यादा खून बहने (हेमरेजिक शॉक) और कई अंगों के खराब होने को बताया। रिपोर्ट में “स्पॉट डेथ” लिखा है, जिसका मतलब है कि साहिल की मौत हादसे की जगह पर ही तुरंत हो गई थी।
साहिल की मां, इन्ना मकन, ने उस नाबालिग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई, जो कथित रूप से SUV चला रहा था। उन्होंने इस घटना को “अपराध” बताया और कहा कि उनके बेटे की जान लापरवाही की वजह से गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे से पहले SUV ड्राइवर तेज रफ्तार में गलत दिशा में गाड़ी चला रहा था और “फन रील” बना रहा था। इसके बाद उसने साहिल की बाइक को टक्कर मारी। उनका कहना है कि पहली टक्कर के बाद भी गाड़ी की रफ्तार कम नहीं की गई और फिर वह एक टैक्सी और बस से भी टकरा गई।
इन्ना मकन ने कहा, “यह सिर्फ हादसा नहीं है। मेरे बेटे की जान उनकी फन रील की वजह से गई।” उन्होंने यह भी कहा कि रसूखदार लोग समझते हैं कि वे सजा से बच जाएंगे।
उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी के खिलाफ पहले से तेज रफ्तार के चालान होने के बावजूद उसे गाड़ी चलाने से क्यों नहीं रोका गया। बाद में आरोपी नाबालिग को पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां बोर्ड परीक्षाएं चल रही होने के कारण उसे अंतरिम जमानत दे दी गई।
इस मामले की जांच अभी जारी है।