Dwarka Scorpio Accident: दिल्ली के द्वारका में एक सड़क दुर्घटना में 23 साल के बाइकर के मौत मामले में आरोपी युवक के पिता का पहला बयान सामने आया है। लड़के के पिता ने NDTV से कहा कि यह दुखद हादसा एक गलती थी। उनके परिवार को बहुत अफसोस है। पिता ने कहा, "मैं भी एक पेरेंट हूं। यह एक गलती थी। मुझे बहुत अफसोस है।" BBA फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा साहिल तीन फरवरी को ऑफिस जा रहा था कि तभी सामने से आ रही एक SUV (स्कॉर्पियो N) ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
एसयूवी को कथित तौर पर 17 वर्षीय एक लड़का चला रहा था। इस दौरान उसकी बहन उसके बगल में बैठी थी। एसयूवी बाद में वहां खड़ी एक टैक्सी से भी टकरा गई, जिससे उसके चालक को चोटें आईं। आरोपी के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। उसे हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के सामने पेश किया गया, जिसने उसे ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि 10 फरवरी को बोर्ड ने उसकी चल रही क्लास 10 की बोर्ड परीक्षाओं का हवाला देते हुए उसे अंतरिम जमानत दे दी। पिता ने उस दुखद दिन को याद करते हुए कहा, "मेरी पत्नी को 3 तारीख को फोन आया। सुबह के करीब 11.30 या 11.45 बजे थे। बच्चे का एक्सीडेंट हो गया। मैं डर गया। मैंने उससे पूछा, 'यह कैसे हुआ?' उसने कहा, 'यह कार में हुआ'। वह डर गई थी। और मैं भी डर गया था।"
पिता ने कहा कि उसने अपनी पत्नी से बच्चे को हॉस्पिटल ले जाने के लिए कहा ताकि बच्चे को बचाया जा सके। वह एक्सीडेंट के करीब चार घंटे बाद एक फ्लाइट लेकर शाम करीब 6 बजे दिल्ली लौटा। वह सीधे द्वारका पुलिस स्टेशन गया। उन्होंने कहा, "हमें एक्सीडेंट के बारे में सारी जानकारी मिल गई। उन्होंने कहा, यह आपकी कार है। हमने कहा, 'जी सर'। उन्होंने पूछा कि क्या यह आपका बेटा है, मैंने कहा, 'हां'। मैंने उनसे कहा कि मैं घर से बाहर था और मुझे आपके और मेरी पत्नी के कॉल से एक्सीडेंट के बारे में पता चला। मैंने पुलिस को सारे डॉक्यूमेंट्स दिए।" उन्होंने आगे कहा कि पुलिस स्टेशन पर बहुत भीड़ थी।
पिता ने कहा, "हमें पुलिस स्टेशन में धमकाया जा रहा था।" जब पूछा गया कि नाबालिग को SUV देने के लिए कौन ज़िम्मेदार है, तो पिता ने कहा, "मैं घर पर नहीं था। मैं बाहर था। बच्चे ने गलती की। उसने गलती की। यह गलत है।"
पिता ने कहा, "कार मेरे बिज़नेस से जुड़ी है। हमारे पास ड्राइवर हैं और चालान उनकी वजह से हैं, न कि इसलिए कि मेरा बच्चा कार चला रहा था।" क्या आपने कभी अपने बेटे को गाड़ी चलाने से रोका? इस पर पिता ने कहा, "मुझे इसके बारे में कभी पता नहीं चला। वह मुझसे बहुत डरता था।" पिता ने साफ किया कि उनके बेटे के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
अपने इकलौते बेटे को खोने वाली मां ने नम आंखों और रुंधे गले से कहा कि रील बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए किए गए स्टंट ने न केवल उनके बेटे की जान ली। बल्कि उसे लेकर उन्होंने जो सपने देखे थे, उन्हें भी चकनाचूर कर दिया। द्वारका में रहकर अकेले अपने बच्चे को पालने वाली इन्ना माकन अपने बेटे के कमरे में उसकी तस्वीरों और पदकों को लिये हुए खड़ी थीं।
उन्होंने पीटीआई को बताया, "मेरा बेटा कड़ी मेहनत में विश्वास करता था, शॉर्टकट में नहीं।" मां ने कहा कि रील बनाने के किसी के जुनून ने उनकी जिंदगी और उनके बच्चे के लिए बुने गए उनके सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया।