Earthquake in J&K: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले और असम में रविवार (12 अप्रैल) सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अधिकारियों ने बताया कि डोडा में 4.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप के आने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। बताया जा रहा है कि म्यांमार में भी 4.0 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, रविवार को असम में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के झटके 5 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किए गए। इसका केंद्र कछार जिले में स्थित था।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के डोडा में 04:32 बजे रिक्टर पैमाने पर 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप जमीन की सतह से 10 km की कम गहराई पर आया। भूकंप पृथ्वी की सतह और सतह से लगभग 700 किलोमीटर नीचे तक कहीं भी आ सकते हैं। USGS के डेटा के अनुसार, वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भूकंप की गहराई की इस 0- 700 km की सीमा को तीन जोन में बांटा गया है।
फिलहाल, राहत की बात यह है कि अभी तक कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है। पुलिस और राहत टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। लेकिन सतर्क जरूर रहें। अधिकारियों ने काह कि किसी भी इमरजेंसी स्थिति में तुरंत सूचना दें।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के एक बयान के मुताबिक, डोडा के अलावा म्यांमार में 4.0 तीव्रता का एक और भूकंप आया। यह भूकंप 140 किलोमीटर की कम गहराई पर आया। इससे इसके बाद भी झटके आने की आशंका बढ़ गई है। इससे एक दिन पहले महाराष्ट्र में मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली जिले के कुछ हिस्सों में शनिवार सुबह 4.7 तीव्रता का भूकंप आया।
जबकि पड़ोसी नांदेड़ और परभणी जिलों के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है। हिंगोली के जिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने पीटीआई को फोन पर बताया कि पांगरा शिंदे गांव में कुछ घरों और सामुदायिक भवनों में दरारें आ गई हैं। नांदेड़ जिला अधिकारियों ने राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई, जो सुबह 8:45 बजे दर्ज किया गया।
इसका केंद्र हिंगोली जिले में वसमत तालुक के शिरली गांव में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। अधिकारियों ने बताया कि नांदेड़ शहर और उसके ग्रामीण क्षेत्रों अर्धापुर, हादगांव और हिमायतनगर तालुक के साथ-साथ परभणी जिले के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए।
हालांकि, प्रभावित जिलों में कहीं से भी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन कुछ स्थानों पर मामूली ढांचागत नुकसान की सूचना मिली है। गुप्ता ने कहा, "मुझे हिंगोली जिले में पांगरा शिंदे गांव के घरों और सामुदायिक भवनों में आई दरारों की तस्वीरें मिली हैं। हमारी टीम मौके पर जा रही हैं ताकि स्थिति का आकलन किया जा सके और नुकसान का सही आकलन किया जा सके।"
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। एहतियात के तौर पर नांदेड़ और परभणी में इमरजेंसी टीम तैयार रखी गई हैं। अधिकारियों ने टिन की छत वाले घरों में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे छत पर रखे भारी पत्थरों को हटा दें।
उन्होंने कहा कि उनकी जगह शीट को 'बोल्ट' से सुरक्षित करें। साथ ही, किसी भी तरह के झटके या असामान्य आवाज महसूस होने पर तुरंत खुले स्थान पर जाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन पर संपर्क करें।