Chhattisgarh liquor Scam: ED ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में हुए करोड़ों के 'शराब घोटाले' में एक नई चार्जशीट दायर की है। यह चार्जशीट रायपुर की एक अदालत में दाखिल किया गया है, जिसमें कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने दावा किया है कि चैतन्य ने इस घोटाले से ₹1,000 करोड़ से अधिक की 'अपराध की आय' को मैनेज किया था। आइए आपको बताते हैं क्या-क्या लिखा है चार्जशीट में।
चार्जशीट में लगे गंभीर आरोप
आपको बता दें कि यह इस मामले में ED द्वारा दायर किया गया चौथा आरोप पत्र है, जो 7,039 पन्नों का है। ED के वकील सौरभ कुमार पांडे ने बताया कि आरोप पत्र के साथ डिजिटल और अन्य सबूत भी जमा किए गए है। पांडे के अनुसार, चैतन्य बघेल ने घोटाले से प्राप्त ₹1,000 करोड़ से अधिक की पैसों का इस्तेमाल अपने बिजनेस में किया। ED को उसके द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल की गई ₹22 करोड़ की 'अपराध की आय' के ठोस सबूत मिले हैं। बता दें कि चैतन्य को 18 जुलाई को उनके भिलाई स्थित घर से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले एजेंसी ने दावा किया था कि चैतन्य ने अपने रियल एस्टेट फर्मों का उपयोग करके ₹16.7 करोड़ की नकदी का उपयोग अपनी एक परियोजना के लिए किया था।
क्या है छत्तीसगढ़ का 'शराब घोटाला'?
आरोप है कि ₹2,100 करोड़ से अधिक का यह घोटाला साल 2018-2023 के दौरान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। ED का कहना है कि यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच किया गया था, और कथित तौर पर उत्पन्न कमीशन को 'राज्य के उच्चतम राजनीतिक अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार' साझा किया गया था। इस मामले में ED ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा, अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय एजेंसियों पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, लेकिन उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही है।