UP Free Bus For Women: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार (25 अगस्त) को 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की सभी बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 'लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना' को मंजूरी दी गई।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों में जीवनभर मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। सिंह ने कहा कि इस फैसले से एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने बताया कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाकर रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। कैबिनेट ने रक्षाबंधन के त्योहार के दौरान महिलाओं के लिए उनके साथ यात्रा करने वाले एक व्यक्ति के साथ मुफ्त बस यात्रा को भी मंजूरी दी है।
250 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी
सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में रोडवेज के बेड़े के सुदृढ़ीकरण के लिए 250 नई AC इलेक्ट्रिक बसों की प्रस्तावित खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये की धनराशि को मंजूरी देने का भी निर्णय लिया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव के तहत 50 सीटर 100 बसें और 41 सीटर 150 बसें खरीदी जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन 250 बसों की कुल खरीद पर करीब 425.50 करोड़ रुपये का वित्तीय व्यय संभावित है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली 400 करोड़ रुपये की धनराशि के अतिरिक्त करीब 25.50 करोड़ रुपये का खर्च उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा। उन्होंने बताया कि बस बेड़े के विस्तार से चालकों, परिचालकों और तकनीकी रख-रखाव से जुड़े कुशल-अकुशल कर्मियों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
एक बस में 50 यात्रियों के बैठने की क्षमता
इन 250 बसों में से 100 बसों में 50 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी और 150 बसों में 41 यात्रियों की क्षमता होगी। इनकी कुल खरीद लागत 425.50 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिसमें से UPSRTC बाकी बचे 25.50 करोड़ रुपये अपने संसाधनों से खर्च करेगा। सरकार ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को बढ़ाने से उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच चलने वाली सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के नियमों के अनुरूप बनाने में मदद मिलेगी।
बयान के अनुसार, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने निर्देश दिया है कि 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल CNG, इलेक्ट्रिक और BS-6 वाहनों को ही एंट्री की अनुमति होगी। बयान में कहा गया है कि नई बसों से प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक कनेक्टिविटी बेहतर होने और ड्राइवरों, कंडक्टरों एवं तकनीकी रखरखाव कर्मियों के लिए रोजगार पैदा होने की भी उम्मीद है। साथ ही इससे सड़क किनारे बने भोजनालयों और रेस्तरां जैसे व्यवसायों को भी फायदा होगा।