Elections Calendar 2026: राजनीतिक लिहाज से साल 2025 दिल्ली और बिहार के चुनावों के साथ 'चुनावी सेमीफाइनल' की तरह बीता। भाजपा के NDA ने बिहार और दिल्ली में बंपर जीत हासिल की। ऐसे 2026 का साल भारतीय राजनीति के लिए और खास होने वाला है। इस साल 4 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, जो राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे।
2026 के चुनावी राज्यों का कैलेंडर
प्रमुख राज्यों का सियासी समीकरण
पश्चिम बंगाल: ममता बनाम भाजपा का 'महायुद्ध'
ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने के लिए आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, वहीं भाजपा 2021 की हार का बदला लेने के लिए बेताब है। यहां 30% मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं, जो पारंपरिक रूप से TMC के साथ रहे हैं। लेफ्ट और कांग्रेस के लिए यहां अपनी खोई हुई साख वापस पाना 'पहाड़ चढ़ने' जैसा है।
तमिलनाडु: द्रविड़ राजनीति में 'तीसरे ध्रुव की एंट्री'
AIADMK और BJP ने 11 अप्रैल 2025 को फिर से गठबंधन (NDA) कर लिया है। एडप्पादी पलानीस्वामी (EPS) मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। अभिनेता थलापति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) पहली बार चुनाव लड़ रही है, जो युवाओं के वोट काटकर गेम बिगाड़ सकती है।
केरल: 'हैट्रिक' बनाम 'परिवर्तन'
पिनाराई विजयन की LDF लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का इतिहास रचना चाहती है। दिसंबर 2025 में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस-नीत UDF ने शानदार वापसी की है। वहीं, भाजपा ने तिरुवनंतपुरम निगम जीतकर केरल की दो-पक्षीय राजनीति को त्रिकोणीय बना दिया है।
असम: क्या हिमंत बिस्वा सरमा बचा पाएंगे अपना किला
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि भाजपा गठबंधन 103 सीटों पर मजबूती से लड़ेगा। गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस ने 100 सीटों पर अकेले लड़ने का फैसला किया है (AIUDF के साथ कोई गठबंधन नहीं), जिससे मुकाबला सीधा और कड़ा होने की उम्मीद है।
2026 के ये चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनमें से तीन प्रमुख बंगाल, तमिलनाडु, केरल ऐसे राज्य हैं जहां भाजपा की धुर विरोधी पार्टियां सत्ता में है। इन राज्यों के नतीजे यह तय करेंगे कि 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष का INDIA ब्लॉक कितना मजबूत हो पाएगा।