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'मेरे साथ कोई नहीं है', HIV से संक्रमित मां ने अस्पताल में तोड़ा दम, 8 साल के बच्चे पर टूटा दुखों का पहाड़!

40 साल की नीलम, जो HIV से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, इलाज के दौरान दम तोड़ चुकी थीं। मौत के वक्त अस्पताल में उनके साथ सिर्फ उनका नाबालिग बेटा सनी मौजूद था। पिता पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे, और परिवार मानो पूरी तरह बिखर चुका था

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 17, 2026 पर 8:54 PM
'मेरे साथ कोई नहीं है', HIV से संक्रमित मां ने अस्पताल में तोड़ा दम, 8 साल के बच्चे पर टूटा दुखों का पहाड़!
HIV से संक्रमित मां ने अस्पताल में तोड़ा दम, 8 साल के बच्चे पर टूटा दुखों का पहाड़!

अस्पताल की ठंडी गलियारों में जब ज्यादातर लोग अपनों के साथ होते हैं, तब एक आठ साल का बच्चा अकेले खड़ा था- अपनी मां की लाश के पास। न कोई रिश्तेदार, न कोई सहारा। सिर्फ डर, सन्नाटा और एक मासूम बच्चा। एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी में गुरुवार सुबह जो दृश्य दिखा, उसने पुलिस और अस्पताल कर्मियों तक को झकझोर दिया।

आठ साल का सनी खुद अपनी मां के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए अधिकारियों से बात कर रहा था। पूछने पर उसने बस इतना कहा- “मेरे साथ कोई नहीं है।”

40 साल की नीलम, जो HIV से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, इलाज के दौरान दम तोड़ चुकी थीं। मौत के वक्त अस्पताल में उनके साथ सिर्फ उनका नाबालिग बेटा सनी मौजूद था। पिता पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे, और परिवार मानो पूरी तरह बिखर चुका था।

पुलिस के मुताबिक, नीलम पिछले एक महीने से गंभीर हालत में थीं। पहले वह फर्रुखाबाद में मायके में इलाज करा रही थीं, लेकिन हालत बिगड़ने पर पांच दिन पहले अपने गांव नागला धीरज लौटीं। यहीं से उन्हें एटा मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां गुरुवार तड़के उनकी सांसें थम गईं।

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