अस्पताल की ठंडी गलियारों में जब ज्यादातर लोग अपनों के साथ होते हैं, तब एक आठ साल का बच्चा अकेले खड़ा था- अपनी मां की लाश के पास। न कोई रिश्तेदार, न कोई सहारा। सिर्फ डर, सन्नाटा और एक मासूम बच्चा। एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी में गुरुवार सुबह जो दृश्य दिखा, उसने पुलिस और अस्पताल कर्मियों तक को झकझोर दिया।
