Pahalgam Terror Attack : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को एक दुखद आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 मासूमों की गोली मारकर हत्या की गई। वहीं हमले के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को बताया है कि, पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों की संख्या पांच से अधिक हो सकती है। बताया जा रहा है कि बैसरन घाटी के आस-पास अलग-अलग दिशाओं से गोलियों की आवाजें सुनी गईं, जिनमें मुख्य पर्यटक स्थल के बाहर भी फायरिंग हुई। इससे साफ है कि हमला पहले से प्लानिंग के साथ किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, एक नेपाली परिवार ने जांच एजेंसियों को बताया कि हमले के दौरान एक आतंकी ने एक पेड़ के पास आकर उनसे उनकी पहचान पूछी और फिर परिवार के एक सदस्य की हत्या कर दी। परिवार ने बताया कि यह वारदात उस समय हुई जब मुख्य क्षेत्र से भी गोलियों की आवाजें आ रही थीं। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, परिवार ने कहा कि घटनास्थल पर आतंकवादियों की संख्या काफी थी।
नई जानकारी से पता चला है कि बैसरन घाटी के बाहर दो लोगों की हत्या की गई, जबकि अन्य आतंकियों ने घाटी के भीतर अलग-अलग जोड़ों मासूमों को निशाना बनाया। गवाहों के बयान और शुरुआती जांच के आधार पर अब अधिकारियों को यकीन है कि हमले में पांच से ज्यादा आतंकी शामिल थे। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैसरन घाटी के पास जरूरी सुरक्षा ढांचा नहीं होने के कारण सबसे नजदीकी सुरक्षा बेस करीब 25 मिनट की दूरी पर था, जिससे तुरंत जवाबी कार्रवाई में देरी हो सकती थी। अधिकारियों को यह भी शक है कि कई ऑन ग्राउंड वर्कर्स (OGW) इलाके में तैनात थे, जो आतंकवादियों को सुरक्षा बलों की हरकतों के बारे में सतर्क करने का काम कर रहे थे। कुछ OGW बैसरन घाटी के रास्ते में मौजूद थे, तो कुछ मुख्य पर्यटन क्षेत्र के पास निगरानी कर रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही की पुष्टि अन्य स्थानीय खुफिया सूचनाओं के साथ की जा रही है। इस बीच, इलाके में अब तक के सबसे बड़े सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ जवान घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं, जबकि सेना और अन्य सुरक्षा बल आसपास के जंगलों में आतंकियों की तलाश कर रहे हैं। अनंतनाग में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि बैसरन घाटी जैसे कई पर्यटक स्थल ऐसे हैं, जो सीधे तौर पर किसी एक बल के परिचालन नियंत्रण में नहीं आते। ऐसे में इन इलाकों में सुरक्षा अभियानों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।