क्या दिल्ली में बड़े पैमाने पर सीलिंग का खतरा! इस एक चीज को लेकर ट्रेडर्स में डर का माहौल

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि आगामी मास्टर प्लान 2041 से दिल्ली में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के सीमांकन को लेकर स्पष्टता आने की उम्मीद है। व्यापारियों का तर्क है कि जब तक यह स्पष्टता नहीं आती, तब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए

अपडेटेड May 01, 2026 पर 8:36 PM
Story continues below Advertisement
क्या दिल्ली में बड़े पैमाने पर सीलिंग का खतरा! इस एक चीज को लेकर ट्रेडर्स में डर का माहौल

देश की राजधानी दिल्ली में रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के सर्वे को लेकर व्यापारियों में भारी चिंता देखी जा रही है। आपको बता दें कि नगर निगम (MCD) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप एक सर्वे कराने के लिए सर्कुलर जारी किया है, जिसके बाद बड़े पैमाने पर सीलिंग की आशंका जताई जा रही है।

कमिश्नर से मिला व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबारियों और उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) के नेतृत्व में शुक्रवार को एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार से मुलाकात की। व्यापारियों ने कमिश्नर से आग्रह किया है कि जब तक मास्टर प्लान 2041 लागू नहीं हो जाता, तब तक किसी भी तरह के सर्वे या सीलिंग की कार्रवाई को स्थगित रखा जाए।


मास्टर प्लान 2041 पर टिकी नजरें

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि आगामी मास्टर प्लान 2041 से दिल्ली में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के सीमांकन को लेकर स्पष्टता आने की उम्मीद है। व्यापारियों का तर्क है कि जब तक यह स्पष्टता नहीं आती, तब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। करोल बाग, सदर बाजार और गांधी नगर जैसे प्रमुख बाजारों के प्रतिनिधियों ने कमिश्नर को बताया कि दिल्ली में कोई भी क्षेत्र पूरी तरह से आवासीय नहीं है। उन्होंने यह भी अंडरलाइन किया कि रिहायशी क्षेत्रों में भी 24 श्रेणियों के तहत व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति है।

मेयर और कमिश्नर से मिला आश्वासन

व्यापारियों की इन चिंताओं के बीच कुछ राहत भरी खबरें भी सामने आई हैं। नवनिर्वाचित मेयर प्रवेश वाही ने बुधवार को कार्यभार संभालने के बाद घोषणा की थी कि निगम शहर में किसी भी सीलिंग अभियान की योजना नहीं बना रहा है। कमिश्नर संजीव खिरवार ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है कि उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमसीडी दिल्ली सरकार, एनडीएमसी और डीडीए सहित कई एजेंसियों के साथ परामर्श कर रही है और कोई भी निर्णय विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।

ट्रेड लाइसेंस को लेकर बड़ी राहत

मुलाकात के दौरान व्यापारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा हुई। कमिश्नर ने संकेत दिया कि जल्द ही व्यापारी और उद्यमी ऑनलाइन सिस्टम के जरिए प्रॉपर्टी टैक्स के साथ केवल 15 प्रतिशत शुल्क का भुगतान करके ट्रेड लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे। बृजेश गोयल के अनुसार, इस संबंध में आधिकारिक आदेश अगले एक-दो दिनों में जारी होने की उम्मीद है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।