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NEET में फेल हुआ तो खुद को बना लिया देश का सबसे युवा 'ब्रिगेडियर', फर्जी कमांडों और गाड़ी लेकर घूमता था! ऐसे खुली पोल

आर्यन ने अपने परिवार और पड़ोसियों को यकीन दिला दिया कि वह भारतीय सेना के इतिहास का सबसे युवा ब्रिगेडियर बन चुका है। बात सिर्फ झूठ बोलने तक नहीं रुकी; इस झूठ को सच दिखाने के लिए उसने पूरा फिल्मी सेटअप तैयार कर डाला। उसने सेना की बकायदा वर्दी खरीदी, एक लग्जरी SUV गाड़ी किराए पर ली और ₹2,000 प्रतिदिन के हिसाब से दो लोकल बाउंसरों को काम पर रखा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 13, 2026 पर 4:22 PM
NEET में फेल हुआ तो खुद को बना लिया देश का सबसे युवा 'ब्रिगेडियर', फर्जी कमांडों और गाड़ी लेकर घूमता था! ऐसे खुली पोल
NEET में फेल हुआ तो खुद को बना लिया देश का सबसे युवा 'ब्रिगेडियर', फर्जी कमांडों और गाड़ी लेकर घूमता था!

हम सबने अंग्रेजी की मशहूर कहावत सुनी है- "फेक इट टिल यू मेक इट" (यानी जब तक कामयाबी न मिले, तब तक उसका नाटक करो)। लेकिन उत्तर प्रदेश के रहने वाले 21 साल के आर्यन वर्मा ने इस कहावत को एक अलग ही गैर-कानूनी लेवल पर पहुंचा दिया। मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम- NEET में फेल होने के बाद आर्यन ने दोबारा पढ़ाई करने के बजाय शॉर्टकट चुना और खुद को सीधे भारतीय सेना (Indian Army) का 'ब्रिगेडियर' घोषित कर दिया।

आर्यन ने अपने परिवार और पड़ोसियों को यकीन दिला दिया कि वह भारतीय सेना के इतिहास का सबसे युवा ब्रिगेडियर बन चुका है। बात सिर्फ झूठ बोलने तक नहीं रुकी; इस झूठ को सच दिखाने के लिए उसने पूरा फिल्मी सेटअप तैयार कर डाला। उसने सेना की बकायदा वर्दी खरीदी, एक लग्जरी SUV गाड़ी किराए पर ली और ₹2,000 प्रतिदिन के हिसाब से दो लोकल बाउंसरों को काम पर रखा, जो उसके "NSG कमांडो" बनकर घूमते थे।

21 साल का 'ब्रिगेडियर'? सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक

सेना से जुड़े किसी भी व्यक्ति के लिए इस धोखाधड़ी को पकड़ना बेहद आसान था। असल दुनिया में, भारतीय सेना में ब्रिगेडियर की रैंक तक पहुंचने के लिए लगभग 25 से 28 साल की कड़ी सर्विस और मेहनत लगती है। लेकिन आर्यन ने बिना किसी रिसर्च के सीधे सबसे बड़ी छलांग लगाने की सोची।

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