Nepal Flood: नेपाल के रसुवा इलाके में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, बाढ़ के बाद 291 विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर है, जिनमें कम से कम 105 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में अमेरिका के 3, मलेशिया के 17, ब्रिटेन के 12, दक्षिण अफ्रीका के 4, ऑस्ट्रेलिया के 1 और नीदरलैंड के 1 नागरिक शामिल है। वहीं, 103 अन्य लोगों की नागरिकता की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है।
बता दें कि तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के दो जिलों में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ से आठ लोगों की मौत हो गई, नदी के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही हुई और कम से कम एक दर्जन पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।
अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से आया, जिससे तिब्बत से सटे रसुवा और धाडिंग ज़िलों के साथ-साथ काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला भी प्रभावित हुआ।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ की वजह क्या थी?
अधिकारियों के मुताबिक, रसुवा में आई इस बाढ़ की वजह स्थानीय बारिश नहीं थी। माना जा रहा है कि तिब्बत की तरफ हुई भारी बारिश या हिमस्खलन के कारण भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ा होगा। हालांकि, बाढ़ की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाई है।
हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, बुधवार को आई बाढ़ रसुवा में हुई बारिश की वजह से नहीं आई थी।
विभाग के सूचना अधिकारी दिनकर कायस्थ के अनुसार, ऐसा नहीं लगता कि बाढ़ रासुवा में भारी बारिश के कारण आई थी। उन्होंने कहा कि ऐसा या तो किसी नए ग्लेशियर के बनने या किसी पुराने ग्लेशियर के फटने की वजह से हो सकता है।
उन्होंने कहा, "हम अभी भी इस मामले की जांच कर रहे हैं, इसलिए असली वजह अभी पता नहीं चली है।" साथ ही दिनकर ने यह भी कहा कि तिब्बत की तरफ से बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है और "हमें सावधान रहने की जरूरत है।"
'द हिमालयन टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, पानी के अचानक बढ़ने की वजह का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की वजह से हुआ या किसी और कारण से।
नेपाल के निचले इलाकों वाले जिलों में हाई अलर्ट
रासुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन समेत कई निचले इलाकों वाले जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने नेपाल सेना की मदद से प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
नेपाल सेना ने एक बयान में कहा कि पानी के अचानक बढ़ने से रासुवा जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी तबाही हुई है, जिसमें गाड़ियां, सामान और दूसरी संपत्तियां बह गईं।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका रासुवा है, जो काठमांडू से लगभग 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में तिब्बत सीमा के पास है।
बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और प्रवक्ता ने PTI को बताया कि अचानक आई बाढ़ के बाद नुवाकोट जिले की बिदुर नगर पालिका से तीन पुरुषों और एक महिला के शव बरामद किए गए।