Nepal Flood News: नेपाल में आई भयानक बाढ़ से बिहार में हाई अलर्ट! इन 5 जिलों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

Nepal Flash Flood News: बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिलों को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि नेपाल से आई यह बाढ़ की लहर बिहार में बड़ी सैलाब का रूप लेगी। लेकिन नेपाल से सटे बिहार के पांच जिलों पर अधिकारियों की नजर बनी हुई है

अपडेटेड Aug 26, 2026 पर 3:32 PM
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Nepal Flash Flood News: नेपाल में आई भयानक सैलाब के बाद बिहार में भी बाढ़ आने की आशंका है

Nepal Flash Flood News: तिब्बत की ओर से नेपाल की भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ की एक बड़ी लहर आने की खबर ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद त्रिशूली नदी बेसिन में अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। भोटे कोशी आगे चलकर त्रिशूली नदी का हिस्सा बनती है। त्रिशूली आगे नारायणी/गंडक नदी के रूप में बहती है। यह अंततः बिहार से होकर गंगा नदी में मिलती है। ऐसे में नेपाल में आई इस बाढ़ का असर नदी के बहाव और जलस्तर के आधार पर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी पड़ सकता है।

खास तौर पर बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिलों को सतर्क रहने की जरूरत है। इन इलाकों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को नदियों के जलस्तर और संभावित बढ़ते प्रवाह पर नजर बनाए रखनी चाहिए। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि नेपाल से आई यह बाढ़ की लहर बिहार में बड़ी बाढ़ का रूप लेगी। इसका वास्तविक असर नेपाल में पानी के प्रवाह, नदी के जलस्तर और आगे आने वाले घंटों में स्थिति पर निर्भर करेगा।

बगहा में बाढ़ आने की चेतावनी


इस बीच, पश्चिमी चंपारण (बगहा) के SP ने एक बयान जारी कर कहा है कि नेपाल की त्रिशूल नदी में भूस्खलन हुआ है। इसके कारण बगहा में गंडक नदी किनारे बसे गांवों में अगले 2 घंटे में बाढ़ आने की संभावना है। एसपी ने जो चेतावनी दी है उसमें लिखा है, "प्राप्त सूचनानुसार नेपाल के त्रिशुल नदी में भूस्खलन हो गया है, जिसके कारण बगहा मे गंडक के किनारे बसे गाँव में 02 घंटे के भीतर बाढ़ आने की प्रबल संभावना है।"

इसमें आगे कहा गया है, "सभी थानाध्यक्ष/पुलिस निरीक्षक/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बगहा जिला को निर्देशित किया जाता है कि अपने-अपने क्षेत्र में सभी आम जनता को जानमाल की सुरक्षा हेतु लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचित करेंगे ताकि किसी आपदा से निपटा जा सकें।"

कु्हपरकररि

फिलहाल विशेषज्ञों और प्रशासन के लिए सबसे जरूरी बात सतर्कता है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को किसी भी अचानक बढ़ते जलस्तर की स्थिति में प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए। न्यूज 18 ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के मुख्य सचिव ने एक हाईलेवल मीटिंग की है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ नेपाल से सटे जिलों में लोगों को आगाह कर दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह उत्तरी नेपाल में अचानक और बहुत बड़ी बाढ़ आ गई। इससे बॉर्डर पर बसी बस्तियों को बहुत नुकसान हुआ। कई निचले इलाकों के जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ सुबह करीब 9 बजे (लोकल टाइम) भोटे कोशी नदी में आई। बताया जा रहा है कि यह तिब्बत की तरफ से आ रही थी।

1,000 लोगों के बहने की आशंका

नेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी के अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ। वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बह गई। आशंका है कि इस कुदरती आपदा में 1,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी में बह गए हैं। न्यूज 18 के मुताबिक, अब तक 13 शवों को निकाला जा चुका है। राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह जिला तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है।

नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक अत्यधिक सर्तक रहने और सुरक्षा उपाय करने की अपील की है। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से अधिक था। दोनों बस्तियों को काफी नुकसान हुआ है।

वाहन और सामान पानी में बह गए

रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान पानी में बह गए। हाल में बनाया गया एक पुल भी बह गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO Nepal) ने बताया कि भीषण बाढ़ को देखते हुए बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए रसुवा और आसपास के इलाकों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।

नेपाल सरकार ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बाढ़ के बाद की स्थिति पर चर्चा करने और उससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जा रही है। नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं। सेना ने एक बयान में बताया कि एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को त्रिशूली स्थित जिला अस्पताल की ओर रवाना किया गया है।

हालांकि, नेपाल सेना ने कहा कि भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं हुआ है। नुकसान से संबंधित आंकड़े जुटाने का काम जारी है। ठीक एक साल पहले भोटेकोशी में आई बाढ़ में भारी तबाही हुई थी। रसुवा में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी।

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