Nepal Flood: नेपाल में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ से भारी तबाही! सैलाब में बह गए 1000 लोग, रसुवा में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स भी तबाह, देखें- खौफनाक Video

Nepal Flood: बुधवार (26 अगस्त) सुबह भारत के पड़ोसी देश नेपाल के उत्तरी रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया। बाढ़ में करीब 1,000 लोगों के बहने की आशंका है

अपडेटेड Aug 26, 2026 पर 1:27 PM
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Nepal Flood: बताया जा रहा है कि तिब्बत में ग्लेशियर फटने से नेपाल में बुधवार सुबह अचानक से बाढ़ आई

Nepal Flood News: उत्तरी नेपाल में बुधवार (26 अगस्त) सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती बस्तियों में भारी तबाही मचाई। निचले इलाकों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया। नेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी के अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ है। गाड़ियां, सामान और अन्य चीजें बह गई।

1000 लोग लापता!

सैलाब की चपेट में आने से कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के बहने की खबर है। इतना ही नहीं, न्यूज 18 के मुताबिक, अचानक से आई बाढ़ में करीब 1000 लोगों के बहने की खबर सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है।


नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक अत्यधिक सर्तक रहने और सुरक्षा उपाय करने की अपील की है। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से अधिक था। दोनों बस्तियों को काफी नुकसान हुआ है।

कई वाहन और सामान पानी में बह गए

रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान पानी में बह गए। हाल में बनाया गया एक पुल भी बह गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO Nepal) ने बताया कि भीषण बाढ़ को देखते हुए बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए रसुवा और आसपास के इलाकों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बाढ़ के बाद की स्थिति पर चर्चा करने और उससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जा रही है।

बचाव अभियान शुरू

नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं। सेना ने एक बयान में बताया कि इमरजेंसी मेडिकल बचाव दल से लैस एक MI-17 हेलीकॉप्टर को त्रिशूली स्थित जिला अस्पताल की ओर रवाना किया गया है। हालांकि, नेपाल सेना ने कहा कि भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं हुआ है। नुकसान से संबंधित आंकड़े जुटाने का काम जारी है।

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नेपाल सरकार ने बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस के जवानों को रसुवा और आसपास के जिलों में तैनात किया गया है। आपको बता दें कि इससे ठीक एक साल पहले भोटेकोशी में आई बाढ़ में भारी तबाही हुई थी। रसुवा में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी।

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