उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी (Naseemuddin Siddiqui) ने रविवार (15 फरवरी 2026) को समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की मौजूदगी नसीमुद्दीन सिद्दीकी में शामिल हुए। उनके साथ-साथ कई पूर्व विधायकों और नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व विधायक अनीस अहमद खान (Anees Ahmad Khan) उर्फ फूल बाबू, अपना दल (सोनेलाल) के पूर्व विधायक राजपाल यादव, पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा और दानिश खान भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। इन नेताओं के शामिल होने को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
अखिलेश यादव ने किया स्वागत
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इनके शामिल होने से राज्य में सामाजिक न्याय का आंदोलन और मजबूत होगा। उन्होंने खास तौर पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्हें पिछड़े और वंचित समुदायों के लिए काम करने का लंबा अनुभव है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी, मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (BSP) सरकार में चार बार मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कई अहम विभाग संभाले हैं और उत्तर प्रदेश विधान परिषद में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी भी निभाई है।
यूपी की राजनीति में बड़ा उलटफेर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम समाजवादी पार्टी की 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। बता दें कि, बहुजन समाज पार्टी से राजनीति शुरू करने वाले और कभी पार्टी सु्प्रीमो मायावती के करीबी रहे हैं नसीमुद्दीन सिद्दीकी। नसीमुद्दीन वर्ष 2007 से 2012 तक बसपा सरकर में कई अहम पदों पर रहे थे। नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी में शामिल कर अखिलेश यादव बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के मुस्लिम वोट बैंक को एक बार फिर अपने पाले में लाने की कोशिश करते दिखेंगे। साथ ही, नसीमुद्दीन सिद्दीकी के जरिए बसपा के कैडर वोट में भी सेंधमारी की कोशिश सपा करती दिखेगी।