Jharkhand: झारखंड के हजारीबाग में बड़ा एनकाउंटर, 15 लाख के इनामी नक्सली शहदेव महतो समेत 4 ढेर

Jharkhand: वहीं इस एनकाउंटर पर बरकागांव के एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए चारों माओवादियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान के दौरान कोई भी सुरक्षाकर्मी घायल नहीं हुआ है और आगे की जानकारी बाद में साझा की जाएगी

अपडेटेड Apr 17, 2026 पर 5:26 PM
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हजारीबाग में शुक्रवार को नक्सलवाद के खिलाफ एक और बड़ी सफलता मिली है।

झारखंड के हजारीबाग में सुरक्षाकर्मियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जानकारी के मुताबिक, यहां चार माओवादियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को झारखंड के हजारीबाग जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए। इस मुठभेड़ में 15 लाख रुपये का इनामी माओवादी शहदेव महतो मारा गया है। महतो को इलाके में कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड माना जाता रहा है। बता दें कि, यह मुठभेड़ केरेडारी थाना क्षेत्र के बटुका जंगल में एक टिप मिलने के बाद शुरू हुई।

सामने आई ये बड़ी जानकारी

वहीं इस एनकाउंटर पर बरकागांव के एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए चारों माओवादियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान के दौरान कोई भी सुरक्षाकर्मी घायल नहीं हुआ है और आगे की जानकारी बाद में साझा की जाएगी।


वहीं माओवादियों के साथ हुई एक और मुठभेड़ में चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह घटना इस हफ्ते की शुरुआत में पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में हुई, जहां एक माओवादी दस्ते के साथ जोरदार गोलीबारी हुई। इस दस्ते का नेतृत्व मिसिर बेसरा कर रहा था, जिस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र के सारंडा जंगल में सुबह शुरू हुई और बीच-बीच में चलती रही। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने कहा कि इस अभियान में शामिल कोबरा (CoBRA) के चार जवान घायल हुए हैं, लेकिन सभी अब खतरे से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि अभियान खत्म होने और जवानों के वापस आने के बाद ही पूरी जानकारी दी जा सकेगी।

एक्शन में कोबरा कमांडो 

बता दें कि, कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेज़ोल्यूट एक्शन) के जवान, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के विशेष कमांडो होते हैं, जो नक्सलियों से लड़ने के लिए जंगलों में युद्ध करने की खास ट्रेनिंग रखते हैं। रांची में पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) माइकल राज एस ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) को बताया कि पुलिस को सारंडा जंगल में माओवादी नेता मिसिर बेसरा और उसके दस्ते के मौजूद होने की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद यह अभियान शुरू किया गया। प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को पूर्वी क्षेत्र का प्रमुख कमांडर माना जाता है। सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर जैसी सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई महीनों से इस इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, ताकि पूरे क्षेत्र को माओवादियों से मुक्त किया जा सके।

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