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Goa Nightclub Fire Case: गोवा के नाइट क्लब में हुई 25 मौतों का गुनहगार कौन? जांच में पंचायत और सरकारी विभागों की 'मिलीभगत' का हुआ पर्दाफाश

Goa Nightclub Fire Case: नाइटक्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को थाईलैंड से डिपोर्ट कर गोवा लाया गया है। गोवा की अदालत ने शुक्रवार को दोनों भाइयों की पुलिस कस्टडी 29 दिसंबर तक बढ़ा दी है। पुलिस ने उन पर गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी का मामला दर्ज किया है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Dec 28, 2025 पर 11:38 AM
Goa Nightclub Fire Case: गोवा के नाइट क्लब में हुई 25 मौतों का गुनहगार कौन? जांच में पंचायत और सरकारी विभागों की 'मिलीभगत' का हुआ पर्दाफाश
मजिस्ट्रेट जांच में सामने आया है कि क्लब का लाइसेंस महीनों पहले खत्म हो चुका था

Goa Nightclub Fire Case: गोवा के अरपोरा गांव में 6 दिसंबर को हुए खौफनाक अग्निकांड की जांच रिपोर्ट ने व्यवस्था की कलई खोल दी है। 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में लगी आग ने न केवल 25 जिंदगियां खाक कीं, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही का 'कॉकटेल' कितना घातक हो सकता है। मजिस्ट्रेट जांच में सामने आया है कि जिस क्लब का लाइसेंस महीनों पहले खत्म हो चुका था, वह पंचायत और प्रदूषण बोर्ड जैसे विभागों की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा था।

जांच के 5 सबसे चौंकाने वाले खुलासे

1. एक्सपायर्ड लाइसेंस पर चल रहा था 'मौत का खेल': क्लब का ट्रेड लाइसेंस मार्च 2024 में ही खत्म हो चुका था। इसके बावजूद, स्थानीय पंचायत ने न तो परिसर को सील किया और न ही वहां चल रही गतिविधियों को रोका। यह पंचायत की सबसे बड़ी और प्राथमिक विफलता मानी गई है।

2. इको-सेंसिटिव जोन में अवैध निर्माण: यह क्लब एक 'सॉल्ट पैन' यानी इको-सेंसिटिव जोन में बना था। नियमों के मुताबिक यहां निर्माण वर्जित है, फिर भी पंचायत ने बिना किसी 'ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट' के धड़ाधड़ NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) जारी कर दिए।

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