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CM Bhagwant Mann: अकाल तख्त ने CM भगवंत मान को किया तलब...नंगे पैर होंगे हाजिर, जानें क्या है मामला

CM Bhagwant Mann: भगवंत मान ने कहा कि उनके लिए श्री अकाल तख्त साहिब और वहां से जारी होने वाले पवित्र निर्देश सर्वोपरि हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यही उनका विश्वास रहा है और आगे भी यही रहेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 15 जनवरी को अपने तय कार्यक्रम में शामिल न हो पाने के लिए माफी भी मांगी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 05, 2026 पर 10:57 PM
CM Bhagwant Mann: अकाल तख्त ने CM भगवंत मान को किया तलब...नंगे पैर होंगे हाजिर, जानें क्या है मामला
मुख्यमंत्री भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होंगे।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि वह 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होंगे। इसी वजह से वे अमृतसर में होने वाले द्रौपदी मुर्मू के एक तय कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। मान ने साफ कहा कि उनके लिए सिख धार्मिक संस्था का आदेश सबसे ज्यादा अहम है। अकाल तख्त से मिले समन पर प्रतिक्रिया देते हुए भगवंत मान ने कहा कि वे वहां मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक साधारण और श्रद्धालु सिख के तौर पर जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे परंपरा के अनुसार नंगे पैर पेश होंगे।

भगवंत मान ने कही ये बात

भगवंत मान ने कहा कि उनके लिए श्री अकाल तख्त साहिब और वहां से जारी होने वाले पवित्र निर्देश सर्वोपरि हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यही उनका विश्वास रहा है और आगे भी यही रहेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 15 जनवरी को अपने तय कार्यक्रम में शामिल न हो पाने के लिए माफी भी मांगी है। इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में एक सम्मेलन में हिस्सा लेने वाली हैं। मान ने साफ कहा कि उनके लिए अकाल तख्त के सामने पेश होना किसी भी सरकारी कार्यक्रम से ज्यादा अहम है।

अकाल तख्त ने भेजा समन

इससे पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज्ज ने मुख्यमंत्री को समन भेजा था। इसमें उन्हें 15 जनवरी की सुबह 10 बजे अमृतसर में अकाल तख्त सचिवालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया है। समन में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने हाल के पंथिक मामलों पर ऐसी टिप्पणियां की हैं, जिन्हें सिख भावनाओं के खिलाफ और बेहद आपत्तिजनक बताया गया है। इसी मुद्दे पर उनसे जवाब मांगा गया है।

अपने पत्र में श्री अकाल तख्त साहिब ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की कुछ टिप्पणियों से सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि इन बयानों से सिख आचार संहिता की सर्वोच्चता पर सवाल खड़े होते हैं, जिसमें श्री अकाल तख्त साहिब और गुरु की गोलक के सिद्धांत का खास महत्व है।

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