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अब बाजार में नहीं चलेंगे खाने वाले तेल के मनमर्जी के पैकेट, सरकार ने तय किए स्टैंडर्ड साइज, ग्राहकों को होगी सहूलियत

यह फैसला देश के करीब 90 प्रतिशत खाद्य तेल उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले बड़े एसोसिएशनों के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार में बढ़ते अजीबो-गरीब पैकेट साइज को रोकना है, जिससे ग्राहकों को दो अलग-अलग ब्रांड के तेल की असली कीमत और वजन की तुलना करने में आसानी हो

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 06, 2026 पर 8:37 PM
अब बाजार में नहीं चलेंगे खाने वाले तेल के मनमर्जी के पैकेट, सरकार ने तय किए स्टैंडर्ड साइज, ग्राहकों को होगी सहूलियत
अब बाजार में नहीं चलेंगे खाने के तेल वाले मनमर्जी के पैकेट: सरकार ने तय किए स्टैंडर्ड साइज, ग्राहकों को होगी सहूलियत

अब बाजार में राशन या तेल खरीदते समय आपको अलग-अलग कंपनियों के अजीबोगरीब साइज के पैकेट देखकर भ्रमित नहीं होना पड़ेगा। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग ने खाने के तेल (Edible Oils) और ब्लेंडेड तेल की पैकेजिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने तेल के पैकेटों और बोतलों के लिए कुछ खास स्टैंडर्ड साइज (तय आकार) तय कर दिए हैं।

यह फैसला देश के करीब 90 प्रतिशत खाद्य तेल उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले बड़े एसोसिएशनों के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार में बढ़ते अजीबो-गरीब पैकेट साइज को रोकना है, जिससे ग्राहकों को दो अलग-अलग ब्रांड के तेल की असली कीमत और वजन की तुलना करने में आसानी हो।

ये हैं नए तय साइज

अब कंपनियां केवल नीचे दिए गए वजन या वॉल्यूम (लीटर/मिलीलीटर) में ही खाने का तेल बेच सकेंगी। यह नियम पाम ऑयल, सोयाबीन, सूरजमुखी (सनफ्लावर), सरसों, मूंगफली, तिल, राइस ब्रान, कॉटनसीड और मक्के (कॉर्न) के तेल पर लागू होगा:

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