Goa Nightclub Fire: पल भर में पूरा परिवार खत्म हो गया...बस मैं बची जिंदा, हादसे की रुला देने वाली कहानी

Goa Nightclub Fire: हादसे के बारे में बात करते हुए 40 वर्षीय भावना जोशी ने कहा, “मैंने सब कुछ खो दिया; उस आग में मेरा पूरा परिवार जल गया।” वह अपने पति विनोद कुमार और अपनी तीन बहनों के साथ नॉर्थ गोवा के अरपोरा में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाम के एक नाइट क्लब में पार्टी कर रही थीं। तभी वहां भयानक आग लग गई, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई

अपडेटेड Dec 08, 2025 पर 3:36 PM
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गोवा के अरपोरा इलाके में शुक्रवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिससे कई परिवार की जिंदगी पल भर में बदल गई।

Goa Nightclub Fire: गोवा के अरपोरा इलाके में शुक्रवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिससे कई परिवार की जिंदगी पल भर में बदल गई। गोवा के नाइट क्लब ‘Birch By Romeo Lane’ में शुक्रवार रात आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में दिल्ली के परिवार ने चार लोगों को खो दिया। दिल्ली के जोशी परिवार के पांच सदस्य शुक्रवार छुट्टियां मनाने गोवा पहुंचे थे। परिवार के पांच लोगों में विनोद कुमार (43 वर्ष), उनकी पत्नी भावना जोशी, भाभी कमला जोशी ( 42 वर्ष), साली अनीता जोशी (41 वर्ष) और सरोज जोशी (39 वर्ष) उस दिन नाइट क्लब में मौजूद थे। वहीं हादसे में जान गंवाने वालों में विनोद जोशी, उनकी भाभी कमला जोशी, और उनकी दो सालियां सरोज और अनीता शामिल हैं।

परिवार ने सुनाई दर्दनाक कहानी

हादसे के बारे में बात करते हुए 40 वर्षीय भावना जोशी ने कहा, “मैंने सब कुछ खो दिया; उस आग में मेरा पूरा परिवार जल गया।” वह अपने पति विनोद कुमार और अपनी तीन बहनों के साथ नॉर्थ गोवा के अरपोरा में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाम के एक नाइट क्लब में पार्टी कर रही थीं। तभी वहां भयानक आग लग गई, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई। भावना, जो अपने पांच लोगों के ग्रुप में एकमात्र बची, ने बताया, “हम सब मजे से डांस कर रहे थे, तभी क्लब की छत से चिंगारियां गिरने लगीं। शुरुआत में यह मामूली लगा, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई। वहां भगदड़ मच गई और बाहर निकलने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं था। मैंने सब कुछ अपनी आंखों के सामने बिखरते देखा।”

पल भर में खत्म हुआ पूरा परिवार

CNN-News18 से खास बातचीत में भावना ने शनिवार रात की उस डरावनी घटना को याद करते हुए कहा, “घटना के बाद न तो हॉस्पिटल से और न ही पुलिस से मुझे कोई मदद मिली। एक ही रात में मेरा पूरा परिवार खत्म हो गया। वहां किसी तरह की फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं थी। आग परफॉर्मर्स के हाथ में मौजूद स्पार्कल गन से लगी थी, न कि सिलेंडर फटने से, जैसा कि शुरू में जांचकर्ताओं ने कहा था।”


भावना ने बताया कि आग लगने के बाद वह किसी तरह क्लब से बाहर निकल आईं, लेकिन अपने परिवार को ढूंढ नहीं पाईं। बाद में जब उन्होंने अपने पति और एक बहन की लाशों की पहचान की, तो उनका दिल टूट गया। उनका कहना है कि दोनों की मौत शायद दम घुटने से हुई थी। उनकी बाकी दो बहनों के शव आग की तेज लपटों में इतने जल चुके थे कि पहचानना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में क्लब में मौजूद लोगों ने छत से गिरती चिंगारियों को साधारण इलेक्ट्रिक खराबी समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन कुछ ही पलों में पूरा हॉल आग की लपटों में घिर गया। आग इतनी तेजी से फैली कि अफरा-तफरी मच गई और वह अपने परिवार से बिछड़ गईं। स्टेज के पास खड़े लोग पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश करने लगे। उधर, बाउंसर अपनी जान बचाने के लिए भाग गए, जिससे भगदड़ और बढ़ गई। कई लोगों की मौत दम घुटने और दबने की वजह से भी हुई।

समय पर नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड

क्लब में सुरक्षा इंतज़ामों के बारे में पूछे जाने पर भावना ने बताया, “उस कमरे में एक भी फायर एक्सटिंग्विशर नहीं था। अगर होता, तो शायद मेरा परिवार आज ज़िंदा होता।” उन्होंने कहा कि आग लगने की सूचना मिलने के करीब 45 मिनट बाद फायर ब्रिगेड वहां पहुंची, तब तक सब कुछ नष्ट हो चुका था। भावना ने कहा, “मैं घबराकर अपने पति को लगातार फोन करती रही। बाद में जब उनकी बॉडी की पहचान की, तो उनका फोन उनकी जेब में ही मिला।” उनके अनुसार, आग लगने के समय क्लब में लगभग 200–250 लोग मौजूद थे, और हादसा होने से पहले वे लोग अंदर सिर्फ 20 मिनट ही रहे थे।

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