Google: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल के लिए भारत में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी की इंडिया में मुख्य कानूनी सलाहकार बिजोया रॉय ने अपने पद से इस्तीफा दे दे दिया है। पिछले 16 महीनों से इस अहम जिम्मेदारी को संभाल रहीं रॉय का जाना ऐसे समय में हुआ है जब गूगल भारत में कई कड़े कानूनों और अदालती लड़ाइयों का सामना कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिजोया रॉय ने पिछले महीने ही अपने पद से हटने का फैसला कर लिया था। सूत्रों के अनुसार, रॉय ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है और वह खुद का नया वेंचर शुरू करने की योजना बना रही हैं। बिजॉय रॉय का जाना गूगल के लिए इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि कंपनी के पास फिलहाल 'गवर्नमेंट रिलेशंस हेड' भी नहीं है। पिछले साल श्रीनिवास रेड्डी ने इस पद से इस्तीफा दिया था, जिसे अभी तक भरा नहीं जा सका है।
भारत में गूगल के सामने 3 बड़ी चुनौतियां
गूगल के लिए भारत एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार है। ज्यादातर स्मार्टफोन गूगल के ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉइड पर चलते है लेकिन यहां कंपनी को इन मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के साथ गूगल की कानूनी लड़ाई जारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को ट्रेन करने के लिए डेटा इस्तेमाल करने को लेकर कानूनी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। फरवरी 2026 से टेक कंपनियों के लिए कंटेंट हटाने के नियम पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो गए हैं, जिससे ऑपरेशनल दबाव बढ़ गया है।
जानकारों का मानना है कि टॉप लीगल और पॉलिसी अधिकारियों का न होना गूगल के लिए भारत सरकार के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कतें पैदा कर सकता है। खासकर तब, जब सरकार डिजिटल कानूनों को लगातार अपडेट कर रही है।
भारी निवेश के बीच नेतृत्व का संकट
एक तरफ गूगल के बड़े अधिकारी साथ छोड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कंपनी भारत में अपना अब तक का सबसे बड़ा दांव लगा रही है। पिछले साल अक्टूबर में गूगल ने घोषणा की थी कि वह आंध्र प्रदेश में एक 'AI डेटा सेंटर' स्थापित करने के लिए 5 वर्षों में 15 अरब डॉलर का निवेश करेगी। यह गूगल का भारत में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जो दिखाता है कि चुनौतियों के बावजूद कंपनी के लिए भारतीय बाजार कितना अहम है।