अब हर गेम पर सरकार की रहेगी नजर! गेमर्स और डेवलपर्स जान लें Online Gaming के ये नए नियम

Online Gaming New Rules: सूत्रों ने बताया कि नए नियमों के मुताबिक, सरकार ने रेगुलेशन को काफी हल्का रखा है। अगर कोई गेम सिर्फ मनोरंजन के लिए है और उसमें पैसों का लेनदेन (Real Money) शामिल नहीं है, तो उसे रजिस्ट्रेशन कराने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन पूरी तरह वैकल्पिक है

अपडेटेड Apr 22, 2026 पर 5:32 PM
Story continues below Advertisement
Online Gaming के नए नियमों को सरकार की हरी झंडी, निगरानी के लिए बनाई नई अथॉरिटी- OGAI

भारत में ऑनलाइन गेमिंग का शौकीन रहने वाले युवाओं और गेमिंग इंडस्ट्री के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के नए नियमों को हरी झंडी दे दी है। इन नियमों का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आगामी 1 मई से एक नई 'ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी' काम करना शुरू कर देगी। यह अथॉरिटी इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY) के तहत एक डिजिटल ऑफिस के रूप में काम करेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य गेमिंग सेक्टर में नियमों के बोझ को कम रखना है, ताकि छोटे डेवलपर्स और साधारण गेम्स को परेशानी न हो।

सूत्रों ने बताया कि नए नियमों के मुताबिक, सरकार ने रेगुलेशन को काफी हल्का रखा है। अगर कोई गेम सिर्फ मनोरंजन के लिए है और उसमें पैसों का लेनदेन (Real Money) शामिल नहीं है, तो उसे रजिस्ट्रेशन कराने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन पूरी तरह वैकल्पिक है।

किन गेम्स पर रहेगी नजर?


अथॉरिटी मुख्य रूप से तीन स्थितियों में तय करेगी कि कौन सा गेम नियमों के दायरे में आएगा और कौनसा नहीं:

  • अथॉरिटी खुद से संज्ञान लेकर किसी गेम की जांच कर सकती है।
  • ई-स्पोर्ट्स की अर्जी पर।
  • केंद्र सरकार खुद किसी खास 'सोशल गेम' को नोटिफाई कर सकती है।

खासकर उन गेम्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, जहां खिलाड़ियों की संख्या बहुत ज्यादा है या जहां वित्तीय लेनदेन होते हैं।

अथॉरिटी में हुए बड़े बदलाव

पहले के ड्राफ्ट के मुकाबले, अब इस अथॉरिटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। खास बात यह है कि इसमें गृह मंत्रालय (MHA) को भी शामिल किया गया है। गृह मंत्रालय को इसलिए जोड़ा गया है, क्योंकि गलत पाए जाने वाले गेम्स को ब्लॉक करने और कानून लागू करने की जिम्मेदारी उनकी होती है।

OGAI के चेयरपर्सन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के एडिशनल सेक्रेटरी होंगे। इस संस्था के सदस्यों में गृह मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी, वित्तीय सेवाएं विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी और विधि मामलों के विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी शामिल होंगे।

यानी कुल मिलाकर OGAI में अलग-अलग अहम मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी मिलकर काम करेंगे, ताकि फैसले लेते समय हर जरूरी पहलू को ध्यान में रखा जा सके।

यह प्राधिकरण पूरी तरह डिजिटल ऑफिस के रूप में काम करेगा और यह IT मंत्रालय के तहत आएगा।

OGAI का मुख्य काम ऑनलाइन गेम्स, जिसमें ई-स्पोर्ट्स भी शामिल हैं, उनकी पहचान करना और उनका रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके अलावा, इस संस्था के पास डेटा को कितने समय तक सुरक्षित रखना है, जैसे नियम तय करने का अधिकार भी होगा।

यूजर की सुरक्षा सबसे ऊपर

नियमों के 'रूल 2' में यूजर सेफ्टी पर खास जोर दिया गया है। हर गेम में यूजर सेफ्टी फीचर होना अनिवार्य है। अगर किसी यूजर को कोई शिकायत है, तो उसके लिए दो-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली बनाई गई है।

डेवलपर्स के लिए राहत की खबरें

सरकार ने करीब 2,500 स्टेकहोल्डर्स (इंडस्ट्री, वकील और एक्सपर्ट्स) से फीडबैक लेने के बाद नियमों में कुछ ढील दी है:

  • सर्टिफिकेट की वैलिडिटी: गेम की वैधता का सर्टिफिकेट अब 5 साल के बजाय 10 साल तक मान्य रहेगा।
  • समय सीमा: किसी भी गेम के स्टेटस को निर्धारित करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है।
  • प्रचार की छूट: मंत्रालयों को अब अपने स्तर पर गेम्स को प्रमोट करने वाली योजनाएं बनाने की आजादी होगी।

इसके अलावा विवादों से बचने के लिए सरकार ने 'मटेरियल चेंज' यानी गेम में मामूली बदलाव पर दोबारा मंजूरी, जैसे प्रावधानों को हटा दिया है। साथ ही, यूजर का पैसा वापस करने वाले प्रावधानों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि यह समस्या अब काफी हद तक सुलझ चुकी है।

प्राइवेट हॉस्पिटल्स की मनमानी पर लगेगी लगाम, अंधाधुंध बिलिंग के खिलाफ एक्शन की तैयारी: सूत्र

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।