Bharat Taxi: भारत के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक बड़ी क्रांति आने वाली है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के पंचकूला में आयोजित 'सहकारी सम्मेलन' में 'भारत टैक्सी' (Bharat Taxi) सर्विस शुरू करने की घोषणा की। यह सर्विस पूरी तरह से सहकारी मॉडल (Cooperative Model) पर आधारित होगी, जिसका सीधा मकसद ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों के वर्चस्व को चुनौती देना और टैक्सी ड्राइवरों की आमदनी को दोगुना करना है।
'भारत टैक्सी' की 5 बड़ी बातें
गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि 'भारत टैक्सी' का मॉडल निजी एग्रीगेटर्स से बिल्कुल अलग होगा:
ड्राइवरों को 100% मुनाफा: अमित शाह ने कहा, 'अभी जो कंपनियां टैक्सी का काम करती हैं, उनमें मुनाफा मालिक के पास जाता है। लेकिन 'भारत टैक्सी' का एक-एक आना हमारे ड्राइवर भाइयों की जेब में जाएगा।'
जीरो कमीशन मॉडल: जहां निजी कंपनियां 20-30% कमीशन काटती हैं, वहीं 'भारत टैक्सी' ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लेगी। ड्राइवर पूरा किराया अपने पास रखेंगे।
अमूल जैसा मॉडल: जिस तरह 'अमूल' ने डेयरी सेक्टर में छोटे किसानों को सशक्त किया, वैसे ही सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड ड्राइवरों को एक मंच पर लाएगी।
यात्रियों को भी फायदा: यात्रियों को 'सर्ज प्राइसिंग' (भीड़ के समय बढ़ा हुआ किराया) से मुक्ति मिलेगी और पारदर्शी किराये की सुविधा मिलेगी।
एक्स्ट्रा सुविधाएं: ड्राइवरों के लिए बीमा और उनकी टैक्सी पर मिलने वाले विज्ञापनों की कमाई भी सीधे उन्हीं को मिलेगी।
'भारत टैक्सी' के पायलट प्रोजेक्ट दिल्ली और गुजरात (राजकोट) में पहले ही शुरू हो चुके है। अमित शाह ने भरोसा जताया है कि अगले 1-2 महीनों में यह सेवा देशभर में पूरी तरह से लॉन्च हो जाएगी और अगले 2 साल में यह भारत की नंबर-1 टैक्सी कंपनी बनेगी। इसे IFFCO, Amul, NABARD और KRIBHCO जैसे 8 बड़े सहकारी संस्थानों का समर्थन प्राप्त है।
पंचकूला में हरियाणा की ताकत को सराहा
कृभको द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में अमित शाह ने हरियाणा के योगदान को जमकर सराहा। शाह ने कहा कि हरियाणा ने देश की खाद्य सुरक्षा और खेलों के क्षेत्र में पदकों की बौछार कर हमेशा तिरंगे का मान बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि छोटा राज्य होने के बावजूद, आबादी के अनुपात में हरियाणा की माताएं CAPF और सेना को सबसे ज्यादा जवान देती हैं। शाह ने आंकड़े देते हुए बताया कि 2014 में कृषि बजट ₹22,000 करोड़ था, जो मोदी सरकार में बढ़कर ₹1.27 लाख करोड़ हो गया है।