गुजरात के खेड़ा जिले के सेवालिया गांव में एक बुज़ुर्ग महिला के साथ हुई लूट की घटना किसी डरावनी फिल्म के दृश्य जैसी लगती है। फर्क बस इतना था कि यहां न तो चोर चिल्लाए, न हथियार दिखाए, बल्कि बेहद शांति और शालीनता से अपना काम कर गए। 76 साल की यह महिला अपने आलीशान बंगले में अकेली रहती हैं। 10 जनवरी की रात, खाना खाने के बाद वह रोज की तरह सो गई थीं। रात करीब 11 बजे अचानक उनकी नींद टूटी। आंख खुली तो सामने खड़े थे चार अनजान लोग।
दो लोग उनके सिरहाने और दो पैरों की ओर बैठे थे। एक ने तुरंत उनका मुंह ढक लिया और बहुत शांत आवाज में कहा, “डरिए मत, शोर मत कीजिए।” इसके बाद जो हुआ, उसने बुज़ुर्ग महिला को अंदर तक दहला दिया।
FIR के मुताबिक, चोरों ने पहले उनसे इजाजत ली कि क्या वे उनके हाथ-पैर बांध सकते हैं। फिर महिला के ही दुपट्टों से उनके हाथ और पैर बांध दिए। पूरी वारदात में न कोई हड़बड़ी थी, न गुस्सा और न ही ऊंची आवाज।
चोरों ने बड़े इत्मीनान से पूछा कि घर में कीमती सामान कहां रखा है। डर के मारे महिला ने दराज की ओर इशारा किया, जिसमें अलमारी की चाबियां और रोजमर्रा के खर्च के लिए रखे 15 हजार रुपए थे। जब उनसे जेवर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पहले मना कर दिया।
लेकिन तभी एक चोर की नजर उनके हाथ की सोने की अंगूठी पर पड़ी। महिला से कहा गया और उन्होंने खुद अंगूठी उतारकर उसे दे दी।
अलमारियां और दराज खंगालने के बाद जब और कुछ नहीं मिला, तो चोर जाने लगे। हैरानी की बात यह रही कि जाते-जाते उन्होंने महिला के हाथों की गांठ थोड़ी ढीली कर दी और कहा, “हम चले जाएं, उसके बाद आप अपने पैर खोल लेना। शोर मत करना।”
पूरी घटना में महिला को कोई शारीरिक चोट नहीं आई। वह पूरी रात उसी हालत में घर के अंदर बैठी रहीं। सुबह होने पर उन्होंने बाहर तैनात चौकीदार को पूरी घटना बताई।
जांच में घर की खिड़की की मच्छरदानी टूटी हुई मिली, जिससे चोरों के घुसने का रास्ता साफ हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 15 हजार रुपए कैश और करीब 4 ग्राम वजन की सोने की अंगूठी लेकर फरार हुए, जिसकी कुल कीमत करीब 65 हजार रुपए है।
सेवालिया पुलिस ने घर में घुसकर लूटपाट का मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है, चोरों की भाषा भले ही शालीन थी, लेकिन उनका अपराध बेहद गंभीर और डरावना था।