Gurugram: गुरुग्राम में गजब के प्रॉपर्टी स्कैम का हुआ खुलासा, जो फ्लैट है ही नहीं उससे दलालों ने कर दिया 200 करोड़ का फ्रॉड

Gurugram DLF Camellias Scam: पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड फरार आरोपी राम सिंह उर्फ बाबा जी है, जो 'बाबा जी फाइनेंस' नाम की कंपनी चलाता था। गोगिया के खिलाफ पहले से ही दिल्ली, पंजाब, गोवा, मध्य प्रदेश और चंडीगढ़ में 16 आपराधिक मामले दर्ज है। यह गिरोह एम्बिएंस मॉल के पास और दिल्ली-NCR की अन्य प्राइम लोकेशन्स पर भी इसी तरह की ठगी कर चुका है

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 11:21 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
DCP क्राइम आदित्य गौतम के अनुसार, यह गिरोह पैसों को छिपाने के लिए शेल कंपनियों और कई बैंक खातों का इस्तेमाल करता था

Gurugram Property Scam: जरा सोचिए, आप अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से एक आलीशान फ्लैट खरीदते हैं, करोड़ों रुपये चुकाते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वह फ्लैट असल में वजूद में ही नहीं है। दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है जिसने गुरुग्राम के सबसे प्रीमियम प्रोजेक्ट 'DLF Camellias' में एक फ्लैट को 12 करोड़ रुपये में बेच दिया जो कही था ही नहीं। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अब तक कई राज्यों में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका है।

जालसाजी के 'मास्टर प्लान' में फंसे खरीदार

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद पेशेवर और भरोसेमंद था। मुख्य आरोपी मोहित गोगिया और उसके साथियों ने पीड़ित को बैंक नीलामी के फर्जी कागजात दिखाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी कंपनी ने DLF Camellias का एक लग्जरी अपार्टमेंट बैंक ऑक्शन में जीता है और वे इसे बाजार भाव से कम में तुरंत ट्रांसफर कर सकते हैं। दस्तावेजों को असली मानकर पीड़ित ने पिछले साल अगस्त से अक्टूबर के बीच 12 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।


जब खरीदार ने वेरिफिकेशन के लिए बैंक से संपर्क किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक ने बताया कि ऐसी कोई नीलामी कभी हुई ही नहीं और सारे सर्टिफिकेट, रसीदें और लेटर हेड फर्जी हैं।

अवैध फंड ट्रेल का हुआ भंडाफोड़

DCP क्राइम आदित्य गौतम के अनुसार, यह गिरोह पैसों को छिपाने के लिए शेल कंपनियों और कई बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। 38 वर्षीय मोहित गोगिया को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह मुंबई से भागकर उत्तराखंड में छिपने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे ऋषिकेश-देहरादून रोड से दबोचा। पुलिस ने इस मामले में विशाल मल्होत्रा, सचिन गुलाटी, अभिनव पाठक और भारत छाबड़ा को भी गिरफ्तार किया है। इन पर मनी लॉन्ड्रिंग और जाली दस्तावेज तैयार करने में मदद का आरोप है। ठगी के पैसों से खरीदी गई दो लग्जरी कारें जब्त की गई है और कई संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

सिंडिकेट का 'बाबा जी' कनेक्शन

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड फरार आरोपी राम सिंह उर्फ बाबा जी है, जो 'बाबा जी फाइनेंस' नाम की कंपनी चलाता था। गोगिया के खिलाफ पहले से ही दिल्ली, पंजाब, गोवा, मध्य प्रदेश और चंडीगढ़ में 16 आपराधिक मामले दर्ज है। यह गिरोह एम्बिएंस मॉल के पास और दिल्ली-NCR की अन्य प्राइम लोकेशन्स पर भी इसी तरह की ठगी कर चुका है।

सावधानी ही बचाव है: एक्सपर्ट

1- किसी भी 'बैंक ऑक्शन' प्रॉपर्टी को खरीदने से पहले सीधे बैंक की ब्रांच में जाकर दस्तावेजों का वेरीफिकेशन जरूर करें।

2- बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर मिलने वाली डील पर संदेह करें।

3- प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और पजेशन के इतिहास की जांच सरकारी रिकॉर्ड (RERA या तहसील) से करें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।