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HDFC Bank के पूर्व सीईओ आदित्य पुरी ने कहा- नौकरियों पर AI के खतरे को बढ़ाचढ़ाकर बताया जा रहा है

आदित्य पुरी ने कहा कि बातें हो रही हैं कि AI की वजह से नौकिरयां जा सकती हैं। यह सही है कि इससे कुछ नौकरियां जा सकती हैं। लेकिन, इससे नई नौकरियों के मौके भी बनेंगे। एआई से ग्रोथ बढ़ेगी। अगर 60 फीसदी नौकरियों की जगह एआई का इस्तेमाल होगा तो इसका मतलब यह नहीं की 60 फीसदी नौकरियां खत्म हो जाएंगी

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 26, 2026 पर 3:36 PM
HDFC Bank के पूर्व सीईओ आदित्य पुरी ने कहा- नौकरियों पर AI के खतरे को बढ़ाचढ़ाकर बताया जा रहा है
आदित्य पुरी ने कहा कि एआई पूरी तरह से इनसान की जगह ले लेगा, यह कहना ठीक नहीं है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल बढ़ रहा है। एआई टूल्स कई ऐसे काम कर सकते हैं, जो अभी इनसान करता है। एआई कोडिंग करने में भी सक्षम है। इससे आईटी शेयरों में गिरावट दिख रही है। इनवेस्टर्स को डर है कि एआई टूल्स का असर आईटी कंपनियों के रेवेन्यू पर पड़ सकता है। मनीकंट्रोल ने आईटी के बढ़ते इस्तेमाल और उसके असर के बारे में जानने के लिए एचडीएफसी बैंक के पूर्व सीईओ आदित्य पुरी से बातचीत की। उनसे बैंकों की आज की सबसे बड़ी चुनौती के बारे में भी पूछा।

AI से कुछ नौकरियां जाएंगी तो नई नौकरियों के मौके बनेंगे

पुरी ने कहा कि उन्हें लगता है कि AI क्या कर सकता है और कितनी जल्दी कर सकता है, इस बारे में काफी बढ़ाचढ़ाकर बातें की जा रही हैं। इस वजह से इसे लेकर निगेटिविटी बढ़ी है। कहा जा रहा है कि इससे नौकिरयां जा सकती हैं। यह सही है कि इससे कुछ नौकरियां जा सकती हैं। लेकिन, इससे नई नौकरियों के मौके भी बनेंगे। एआई से ग्रोथ बढ़ेगी। अगर 60 फीसदी नौकरियों की जगह एआई का इस्तेमाल होगा तो इसका मतलब यह नहीं की 60 फीसदी नौकरियां खत्म हो जाएंगी।

यह कहना ठीक नहीं कि एआई इनसान की जगह ले लेगा

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