Kullu-Manali: बर्फबारी बनी आफत... मनाली में 24 घंटे से फंसे हैं हजारों पर्यटक, लगा लंबा ट्रैफिक जाम

गणतंत्र दिवस के वीकेंड पर बड़ी संख्या में सैलानी मनाली पहुंचे। इस वजह से शहर की व्यवस्थाओं पर बोझ बढ़ गया है। ट्रैफिक जाम 23 जनवरी से शुरू हुआ और वीकेंड तक हालात और खराब हो गए। कोठी से मनाली के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें हजारों पर्यटक 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे

अपडेटेड Jan 25, 2026 पर 2:41 PM
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पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का नया दौर शुरू हो गया है।

देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। दिल्ली-एनसीआर में जहां कड़ाके की ठंड पड़  रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का नया दौर शुरू हो गया है। शनिवार को हुई बर्फबारी जहां घाटी के लोगों के लिए राहत बन कर बरसी है। वहीं अब इस बर्फबारी के बाद कई समस्याएं भी सामने आने लगी है। सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी के बाद मनाली में पर्यटकों की संख्या अचानक काफी बढ़ गई है। इससे शहर में भारी ट्रैफिक जाम लग गया और प्रशासन के सामने कई मुश्किलें खड़ी हो गईं। करीब तीन महीने बाद हुई बर्फबारी से पर्यटन को तो फायदा हुआ, लेकिन पूरे इलाके में आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।

आफत बनी बर्फबारी 

गणतंत्र दिवस के वीकेंड पर बड़ी संख्या में सैलानी मनाली पहुंचे। इस वजह से शहर की व्यवस्थाओं पर बोझ बढ़ गया है। ट्रैफिक जाम 23 जनवरी से शुरू हुआ और वीकेंड तक हालात और खराब हो गए। कोठी से मनाली के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें हजारों पर्यटक 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। कड़ाके की ठंड, गाड़ियों में ईंधन की कमी और खाने-पीने के पानी की सीमित उपलब्धता ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। मनाली के लगभग सभी होटल पूरी तरह भर गए। जिन पर्यटकों के पास पहले से होटल की बुकिंग नहीं थी, उन्हें ठहरने के लिए कुल्लू जिला के निचले इलाकों की ओर जाना पड़ा।


600 से ज्यादा सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी का असर अब बड़े पैमाने पर देखने को मिल रहा है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में इस समय करीब 685 सड़कें बंद पड़ी हैं, जिससे लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा परेशानी लाहौल-स्पीति जिला में है, जहां 292 सड़कें बंद हैं। इसके बाद चंबा जिला में 132, मंडी जिला में 126 और कुल्लू जिला में 79 सड़कें बंद बताई गई हैं। कई जगहों पर सड़कों पर काली बर्फ जम गई है, जिससे वाहन चलाना बेहद खतरनाक हो गया है। इसका असर इमरजेंसी सेवाओं, जरूरी सामान की सप्लाई और लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है।

28 जनवरी तक कड़ाके की ठंड

मौसम विभाग ने बताया है कि 26 से 28 जनवरी के बीच एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। इसके चलते ऊंचाई वाले इलाकों में भारी से बहुत भारी बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में तेज बारिश होने की आशंका है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि 26 से 28 जनवरी के बीच एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। इसके चलते ऊंचाई वाले इलाकों में भारी से बहुत भारी बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में तेज बारिश होने की आशंका है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 सतर्क रहने की अपील

स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को कहा गया है कि बिना जरूरत यात्रा न करें और मौसम व ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर रखें। अधिकारियों ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी के कारण राहत और बहाली के काम में देर हो सकती है।

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