Rakshit Chauhan: अमेरिकी हिरासत में हिमाचल का बेटा, मर्चेंट नेवी ऑफिसर की फरवरी में होनी है शादी; परिवार ने पीएम मोदी से लगाई वापसी की गुहार

Himachali Merchant Navy Officer Detained: रक्षित की मां, रीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हाथ जोड़कर अपील की है। उन्होंने कहा, 'मेरे बेटे की 19 फरवरी को शादी है। कृपया मेरे बेटे और उसके साथ फंसे अन्य भारतीयों को वापस लाएं'

अपडेटेड Jan 13, 2026 पर 10:50 AM
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26 वर्षीय रक्षित चौहान ने 1 अगस्त 2025 को ही मर्चेंट नेवी जॉइन की थी

Merchant Navy Officer Detained: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का के मर्चेंट नेवी अधिकारी रक्षित चौहान पिछले एक सप्ताह से अमेरिकी सेना की हिरासत में है। रक्षित उस रूसी ध्वज वाले टैंकर 'मारिनेरा' (बेला 1) पर तैनात थे, जिसे अमेरिकी सेना ने 7 जनवरी को एक लंबे पीछा के बाद जब्त कर लिया था। रक्षित की 19 फरवरी को शादी तय है और पूरा परिवार उनकी घर वापसी की राह देख रहा है। हालांकि, अभी भी उनके वापसी को लेकर कोई अपडेट नहीं है। यही वजह है की उनके परिवार ने पीएम मोदी से गुहार लगाई है।

रक्षित की मां, रीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हाथ जोड़कर अपील की है। उन्होंने कहा, 'मेरे बेटे की 19 फरवरी को शादी है। हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह उस तारीख से पहले सुरक्षित घर आ जाए। कृपया मेरे बेटे और उसके साथ फंसे अन्य भारतीयों को वापस लाएं।'

पहली असाइनमेंट पर ही आई मुसीबत


26 वर्षीय रक्षित चौहान ने 1 अगस्त 2025 को ही मर्चेंट नेवी जॉइन की थी। यह उनका पहला समुद्री असाइनमेंट था। वेनेजुएला से कच्चा तेल लेकर रूस जा रहे तेल टैंकर मारिनेरा पर उनकी तैनाती थी। इस टैंकर को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के तहत बीच रास्ते में रोक लिया। रक्षित ने 7 जनवरी को अपने पिता रणजीत सिंह से आखिरी बार बात की थी। उन्होंने बताया था कि वे ठीक हैं, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई के कारण कंपनी ने उन्हें वापस लौटने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि अब संपर्क करना मुश्किल होगा।

इस तेल टैंकर पर रक्षित के अलावा दो अन्य भारतीय एक गोवा और एक केरल से भी फंसे हुए हैं। कुल चालक दल में 3 भारतीय, 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई 2 और रूसी नागरिक शामिल है, जो फंसे हुए है।

राजनीतिक हस्तक्षेप से है वापसी की उम्मीद

पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल ने रक्षित के परिवार से मुलाकात की है और उनकी जानकारी जुटाई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के माध्यम से इस मामले को केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। अब पूरी उम्मीद भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी है, ताकि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत निर्दोष चालक दल के सदस्यों, विशेषकर भारतीयों को जल्द से जल्द रिहा कराया जा सके।

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